13-April-2020


लॉक डाउन क्या है ?लॉक डाउन में खुद को ऐसे रखिये ....न डरिये ,न सोंचिए,रहिए फिट और करिए....



लेख - सृष्टि गोस्वामी. (साइकोलॉजिस्ट एंड साइकोलॉजिकल काउंसलर) खुला आश्रय गृह (बालिका) जशपुर.

लॉक डाउन क्या है ?
लॉक डाउन का अर्थ है - तालाबंदी लॉक डालने का आपातकालीन व्यवस्था है, जो किसी आपदा या महामारी के वक्त लागू की जाती है. लॉक डाउन की स्थिति में लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है एवं दूसरे शब्दों में कहें तो लॉक डाउन का अर्थ है आप अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर ना निकले. लॉक डाउन जनता की सहूलियत एवं सुरक्षा के लिए किया जाता है. लॉक डाउन होने पर आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर दूसरी सभी सेवाओं पर रोक लगा दी जाती है. कोरोनावायरस के चलते पूरे देश में लॉक डाउन है

क्योंकि यह मौका देश के लोगों के सामने पहली बार आया है इसलिए इसके बारे में लोगों को जानना बहुत जरूरी है इसके बारे में सही जानकारी होने से आपको इससे निपटने में काफी मदद मिलेगी.
आइए अब हम जानते हैं कि कोरोनावायरस क्या है और इसके लक्षण क्या-क्या होते हैं, यह जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना वायरस का संबंध वायरस एक ऐसे बैक्टीरिया से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है इस वायरस को पहले कभी देखा नहीं गया है. डब्ल्यूएचओ के अनुसार बुखार खांसी सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं, कोरोना वायरस के लक्षण फ्लू से मिलते जुलते हैं एवं नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है, कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बढ़ती जा रही है. कुछ मामलों में कोरोनावायरस घातक भी हो सकता है खासतौर पर अधिक उम्र के लोगों और जिन्हें पहले से अस्थमा डायबिटीज और हॉट की बीमारी है.
अब हम जानेंगे कोरोना वायरस की पहचान और विशेष लक्षण क्या है.
(1) तेज बुखार अगर शरीर का तापमान 99.0 और 99.5 डिग्री सेल्सियस है तो बुखार नहीं मानेंगे अगर तापमान 100 डिग्री सेल्सियस (37.7degree Celsius) या इससे ऊपर.

( 2) सांस लेने में समस्या वायरस से संक्रमित होने के 5 दिनों के अंदर व्यक्ति को सांस लेने की समस्या होती है यह समस्या फेफड़ों में कफ के कारण होता है.
(3) फ्लूकोल्ड जैसा लक्षण डब्ल्यू एच ओ के अनुसार वायरस से संक्रमित होने पर कभी-कभी बुखार खांसी सांस लेने में दिक्कत के अलावा फ्लू और कोल्ड भी हो सकता है. (4)डायरिया और उल्टी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में डायरिया और उल्टी के लक्षण भी पाए जाते हैं.
(5) सूंघने और स्वाद की क्षमता की भी कमी हो जाती है. यह सभी लक्षण कोरोना वायरस के हैं जिससे आप पहचान कर सकते हैं.
कोरोना वायरस,लॉक डाउनलोड के बाद मानसिक स्वास्थ्य. कोरोना वायरस क्या है क्या क्या इसके लक्षण है इसके बाद हम लोग अपनी मानसिक स्वास्थ्य को कैसे ठीक कर सकते हैं : -
भागती दौड़ती जिंदगी मेंअचानक लगे इस ब्रेक और कोरोनावायरस के डरने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालना शुरू कर दिया है इस बीच चिंता, डर, अकेलापन और अनिश्चितता का माहौल बन गया है और लोग दिन-रात इससे जूझ रहे हैं आइए अब हम जानते हैं लोगों को परेशान करने वाली 3 वजहे कौन-कौन सी है
(1) कोरोनावायरस से संक्रमित होने का डर
(2)लॉक डाउन
(3) नौकरी और कारोबार को लेकर अनिश्चितता. अब हम पहचानेंगे मानसिक तनाव के कौन-कौन से लक्षण है -स्ट्रेस घबराहट उर्जा हीन महसूस करना बार-बार सिर दर्द होना ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव चिंता गुस्सा डर चिड़चिड़ापन उदासी बार-बार बुरे ख्याल आना सही गलत समझना अपना ध्यान नहीं लगा पाना यह सभी लक्षण मानसिक स्थिति का अस्वस्थ होना दर्शाता है.
मानसिक तनाव की स्थिति से बाहर निकलने के उपाय -
(1) मानसिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आपको यह ध्यान रखना है की सब कुछ फिर से ठीक होगा धैर्य बना कर रखें
(2) घर से बाहर नहीं निकल सकते लेकिन छत पर खिड़की पर बालकनी या घर के बगीचे में आकर खड़े हो सकते हैं.
(3) तनाव चिंता चिड़चिड़ापन को दूर करने के लिए योग ध्यान प्राणायाम का सहारा ले सकते हैं. (4) पर्याप्त मात्रा व पर्याप्त पोषण युक्त भोजन ले भरपूर नींद ले जिससे प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकेगी जिससे मानसिक और शारीरिक स्थिति में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
(5) एक डायरी लें जिसमें अपनी अच्छी और बुरी बातों को लिखें जिससे लॉक डाउन की स्थिति में अपने समय का सदुपयोग कर पाएंगे
( 6)परिवार के साथ मिलकर होम गेम्स खेलें जिससे आप परिवार के महत्व को समझ सकेंगे.
(7) मानसिक तनाव को खत्म करने के लिए खुद को घर के दूसरे कामों में व्यस्त रखें और अपने परिजनों एवं परिवार के सदस्यों से बातचीत करें.(8)खबरों की ओवरडोज से भी मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है इसके लिए जरूरी है की आप उतनी ही खबरें देखें और पढ़ें जितना जरूरी है न्यूज़ चैनल देखने का समय तय करें और जो समय आप ने तय किया है उसी वक्त न्यूज़ चैनल देखें.
(9) मानसिक तनाव के लिए ज्यादा पैनिक ना हो अपने आप को जागरूक रखें.
(10) तनाव को दूर करने के लिए सरकार द्वारा दिए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर संपर्क करें.








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