प्रतापपुर से मुकेश गोयल की मुनादी ।।
कोरोना संक्रमण की काली छाया इंसानों के साथ वन्य प्राणियों पर भी पड़ सकती है। इसी संभावना के मद्देनजर पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ की एडवाइजरी के बाद पिंगला अभ्यारण क्षेत्र को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। इस अभ्यारण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर व हिरण पार्क को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यहां पर एहतियातन पूरे रेस्क्यू सेंटर को सेनेटाइज करने के साथ वन्य प्राणियों के साथ रहने वाले महावत व केअरटेकर तक को मास्क पहनने के साथ अन्य निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी कर दिए गए है।
कोरोना संक्रमण को लेकर रोजाना आ रहे चौंकाने वाले तथ्यों के साथ प्रदेश के वन्य प्राणी संरक्षण विभाग ने भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संचालित वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर के साथ चिड़ियाघरों को संक्रमण से बचाव के लिए निर्देश जारी किए है। दरअसल यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब अमेरिका के एक चिड़ियाघर में एक बाघिन के कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी सामने आई। इसकी पुष्टि होने पर सेंट्रल जू अथॉरिटी ने सभी वन्य प्राणी रहवास में वन्य प्राणियों में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना पर एडवाइजरी जारी कर दी। जिसके परिपालन में छत्तीसगढ़ के वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ अतुल शुक्ला ने भी एहतियातन इसके लिए निर्देश जारी कर दिए। जारी इस निर्देश में अभ्यारण क्षेत्र के अलावा जहां कहीं भी वन्य प्राणियों को रहवास की व्यवस्था दी गई है,वहां तत्काल पूरे क्षेत्र को सील करते हुए रहवास क्षेत्र को सेनेटाइज करने का निर्देश प्रमुखता से दिया गया है। इसके अलावा इस रहवास क्षेत्र में वन्य प्राणियों के साथ रहने वाले केअर टेकर व महावतों को भी पूरी तरह से लॉकडाउन के साथ कही भी आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं वन्य प्राणियों के साथ रहने वाले सभी कर्मचारी को मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग व बचाव के अन्य नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के इस निर्देश के बाद पिंगला अभ्यारण क्षेत्र में स्थापित एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर व हिरण पार्क को प्रभारी द्वारा तत्काल सेनेटाइज कराया गया।

ज्ञात हो कि एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर चार कुमकी हाथी के साथ अन्य दो हाथी सिविल बहादुर व सोनू का रहवास क्षेत्र है, जिसमें इन्हें जंगल में स्वछंद विचरण कर रहे जंगली हाथियों पर नियंत्रण के तौर पर रखा गया है। इसके अलावा विभाग यहां से कुछ दूरी पर एक हिरण पार्क भी स्थापित किया है, जिसमें 25 हिरण रखे गए है। इस अभ्यारण के साथ एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर के प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि इस निर्देश के बाद सभी वन्य प्राणियों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया गया है। साथ ही यहां रहने वाले केअर टेकर व अन्य स्टॉफ का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उनके बाहर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूरे क्षेत्र को बाहरी लोगों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू सेंटर के अंदर रहने वाले कर्मचारी मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहे है।
दिनचर्या सामान्य लेकिन सावधानी रखी जा रही है- रेंजर।
रेस्क्यू सेंटर के रेंजर अजय सोनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान वन्य प्राणियों की दिनचर्या को सामान्य रखा गया है। महावत प्रतिदिन सभी छह हाथियों को जंगल में विचरण के लिए ले जा रहे है। हाथियों के लिए शहरी क्षेत्र से आ रहे भोज्य सामग्री की समुचित साफ-सफाई के बाद यह भी ध्यान में रखा जा रहा है कि हाथी जंगल में जिस स्थान में पेड़, पत्ते आहार के साथ जल स्रोत का उपयोग कर रहे है, वहां अभ्यारण क्षेत्र से लगे बस्ती के लोगों की आवाजाही न हो सके। उन्होनें बताया की वन्य प्राणियों के लिए नियुक्त दो पशु चिकित्सक से हाथी व हिरण की नियमित जांच भी कराई जा रही है।
कुमकी दुर्योधन कटघोरा वनमंडल में लॉकडाउन में फंसा।
एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर रमकोला में पांच कुमकी हाथी कर्नाटक से लाये गए थे। इनमें पांचवा हाथी दुर्योधन को फरवरी माह में कटघोरा वनमंडल में भेजा गया था। इस वनमंडल के एतमानगर क्षेत्र में 50 जंगली हाथी के कारण हाथी व इंसानों के बीच द्वंद की स्थिति निर्मित हो गई थी, जिसके मद्देनजर उन्हें नियंत्रित करने के लिए यहां से दुर्योधन को भेजा गया था। इसी दौरान पूरे प्रदेश में लॉकडाउन के कारण आवागमन बाधित होने से दुर्योधन वहीं फंस गया है, जिसे अभी लाया जाना संभव नहीं है।

