रायगढ़ मुनादी।।
शहर में लॉक डाउन को लेकर हालात बिगड़ रहे हैं। रायगढ़ जिला पूरी तरह सेफ जोन में है। यहां अभी तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नही मिले हैं। बावजूद इसके यहाँ नियमों को और सख्त किए जा रहा है। जबकि सरकार रेड व ऑरेंज ज़ोन में भी यहां से ज्यादा रियायत दे रही है। विज्ञप्ति में प्रशासन द्वारा रायगढ़ में समय बढ़ाने के बाद शुक्रवार को वापस लेने की बात कही गई है जिसपर प्रशासन ने कहा कि दुकान खुलने का जो समय निर्धारित किया गया है, पांच बजे सुबह से 12 बजे दोपहर तक, उसे वापस नहीं लिया गया है। सिर्फ पसरा लगाने वालों को स्वास्थ्यगत कारणों से हटाया गया क्योंकि वे धूप में बैठे रहते हैं। उनका स्वास्थ्य खराब न हो जाय।
कुछ छूट दी गई है लेकिन इसका फायदा रायगढ़ की जनता को नही मिल रहा है। उल्टा प्रशासनिक दादागिरी से जनता को परेशान करने में कोई कसर नही छोड़ा जा रहा। भाजपा ने इस पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कि जिले में कांग्रेस के 4 विधायक और एक कैबिनेट मंत्री होने के बाद भी ऐसा हाल है। जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं।
चीन के वुहान प्रांत से शुरू होने वाला कोरोना वायरस पूरे विश्व के साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा जिले में भी पहुंच गया। कोरबा जिले में कोरोना के सर्वाधिक मरीज मिले। लेकिन रायगढ़ जिले की सजग जनता ने इस बीमारी को अपने जिले में घुसने नही दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि सरकार ने रायगढ़ को ग्रीन जोन में शामिल कर लिया है। ग्रीन ज़ोन का तात्पर्य है कि यहां लोगों को रियायत मिलनी चाहिए। जबकि यहां पर जनता को कोई रियायत नही दी जा रही है। इसके उलट प्रदेश के उन जिलों में जहां कोरोना के पॉजिटिव केसेस पाए गए हैं। वहां छूट दी रही है। मसलन रायपुर, बिलासपुर जैसे शहरों में सुबह 5 से दोपहर 4 बजे तक छूट है। जबकि रायगढ़ में सुबह 5 से 9 बजे तक ही छूट दी गई है। लॉक डाउन के दूसरे चरण में 20 अप्रैल से ऐसा दावा किया जा रहा था कि ग्रीन जोन रायगढ़ में विशेष रियायत मिल सकती है। हालांकि 23 अप्रैल तक जनता को दोपहर 12 बजे तक छूट ज़रूर दी गई। लेकिन शुक्रवार को अचानक छूट को खत्म कर दी गई। जिसके चलते ग्रीन जोन वाले जिले में लॉक डाउन में दी गई ढील सवालों के घेरे में आ गई है। लॉक डाउन पहले की तरह ही प्रभावी है। भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रशासन का रवैया ऐसे ही रहा तो भाजपा आने वाले समय मे कड़ा रुख अपनाएगी। श्री अग्रवाल ने रियायत की अवधि को सुबह 5 से शाम 5 बजे तक बढ़ाने की मांग भी की है।
सब्जी कारोबारियों के बीच अर्थिक संकट
श्री अग्रवाल ने कहा कि लॉक डाउन के दूसरे चरण में सब्जी उत्पादक किसान एवं कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। सुबह 5 से 9 के बीच सिर्फ़ चार घन्टे में ही सब्जी की बिक्री नही हो पाती। इससे उनके समक्ष आर्थिक संकट जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। इसी तरह प्रशासन ने सब्जी के चिल्हर दाम तो निर्धारित कर दिए हैं लेकिन थोक दामों का निर्धारण नही किया जा सका है।
निर्माण कार्य भी प्रभावित
पिछले दो दिनों से रियायत देने के बाद आज फिर से सख्ती बरती जा रही है। सभी प्रमुख चौराहों व रास्तों पर बैरिकेटिंग कर चेकिंग की जा रही है। बेवजह घर से निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। सबसे ज़्यादा दिक्कत निर्माण सम्बंधित कार्यों में आ रही है। ग्रीन ज़ोन घोषित होने के बाद भी निर्माण कार्यों की गति धीमी है।

