रायगढ़ मुनादी।।
क्या लॉक डाउन से कोरोना की रोकथाम संभव है ? क्या अब लॉक डाउन खुल जाना चाहिए, यदि लॉक डाउन खुल गया तो स्थिति सामान्य हो जाएगी ? जैसे तमाम सवाल आज सबके जहन में है। हर कोई यह जानना चाहता है कि अब क्या होगा ? ऐसे में शहर के लिए क्या बेहतर होना चाहिए इस पर शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर राजेन्द्र अग्रवाल यानी डॉ राजू ने प्रशासन को कुछ सुझाव दिए हैं।
अभी तक प्रशासन एवं चिकित्सकीय परिवार ने जनता के सहयोग से कोरोना महामारी की रोक थाम के लिए बहुत ही प्रशसनीय कार्य किया है इसके लिए इन्हें ह्रदय से धन्यवाद । पर जनता को यह स्पष्ट होना चाहिए कि लॉकडाउन कोरोना महामारी का हल नहीं है। यह एक तरह से पॉज बटन की तरह है। यह कुछ समय के लिए कोरोना को रोक सकता है, मगर खत्म नहीं कर सकता है। जब देश लॉकडाउन से बाहर आएगा तो आशंका है कि इसका असर फिर से दिखना शुरू हो जाएगा। लॉकडाउन सिर्फ तैयारी करने का वक्त देता है। लॉकडाउन से कोरोना वायरस को हरा नहीं पाएंगे। इसे हराने के लिए वैक्सीन का जल्द से जल्द बनना जरूरी है ।
प्रशासन एवम जनता को आने वाले समय के अनुसार अभी से तैयारी करनी होगी । जिससे इस महाप्रलय का उचित सामना किया जा सके ।
उनके कुछ सुझाव है ।
हर जोन का विकास एक यूनिट के रूप में किया जावे , जैसे एक अस्थाई काम्प्लेक्स बनाया जावे जिसमे एक दुकान नाइ के लिए एक धोबी के लिए , एक चिकित्सक के लिए , फल , सब्जी , , आदि आदि के लिए फिक्स हों । अन्य शॉप विभिन्न कार्य के लिए तय हों ।इससे पब्लिक शहर की तरफ कम आवेगी । यातायात सुधरेगा , प्रशासनिक नियंत्रण सरल होगा , भीड़ विकेन्द्रीत होगी ।
मोहल्ला निगरानी समिति बनाई जावे , 4-4 वार्डस के समूह बनावे जावे या जैसा प्रशासन उचित समझे , एवम एक समूह की जवाबदारी एक सामाजिक संस्था को दी जावे, जो कि मोहल्ला समिति एवम वार्ड मेंबर के नेतृत्व में अनाज वितरण कार्य करेगी एवम निगरानी रखेगी जिससे कार्य की गुणता बनी रहेगी ।
5 राज्य एवम देश के प्रशासन के द्वारा तय नियम का गंभीरता से पालन ।
6 जनता के द्वारा दी गई अन्य उचित सलाह ।

