सच की मुनादी।।
कोरोना जैसी बीमारी से लड़ने में सबसे आगे डॉक्टर हैं। वे पूरी दृढ़ता से इस जंग में सबसे आगे खड़े दिखाई दे रहे हैं लेकिन सबसे ज्यादा परेशानियों को भी इन्हें ही झेलना पड़ रहा रहा है। पहले मकान मालिकों द्वारा घर खाली करवाने की बात सामने आई थी फिर उनपर थूकने का समाचार आया फिर उनपर हमले का । ताज मामले में एक डॉक्टर को उसी के अस्पताल के एक फैकल्टी ने डॉक्टर को कहा कि तुम SC (दलित) हो, बिल्ली की तरह मेरा रास्ता मत काटो। इससे व्यथित डॉक्टर ने आत्महत्या का भी प्रयास किया।
मामला दिल्ली के AIIMS अस्पताल का है। इसके विभाग center for dental education and research के एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर ने एक महिला फैकल्टी पर आरोप लगाया है कि उसने उसके लिए जाती सूचक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया जिसके कारण उसने आत्महत्या की कोशिश की। रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया कि उस महिला फैकल्टी ने कहा कि तू चुप कर, तू SC है, काली बिल्ली की तरह मेरा रास्ता मत काट, जैसे अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल मेरे विरुद्ध किया गया है, जिससे मुझे बहुत पीड़ा हुई है।
पुलिस ने डॉक्टर के आवेदन पर महिला फैकल्टी के खिलाफ अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम सहित शांति भंग के धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। 17 अप्रैल को पीड़ित डॉक्टर ने आत्महत्या की कोशिश की थी किसके बाद पुलिस ने माले में उससे बयान लिया था और उसी के आधार पर FIR किया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस मामले की जांच के लिए एक डिपार्टमेंटल और दो अन्य समितियां बनाई गई है, और जांच जारी है।

