बबलु तिवारी/अतुल त्रिपाठी की मुनादी।।

3 मई तक बढ़ाये गए लॉकडाउन के मद्देनजर जरूरी संसाधनों की दुकानें जिसमें मेडिकल, किराना ,सब्जी जैसे आवश्यक सेवा को शुरू किया गया था जिसके लिए सुबह 8 से 10 का टाइम भी निर्धारित किया गया था लेकिन अचानक सोशल मीडिया में कुछ खबर चलने के बाद उहाफोह की स्तिथि निर्मित हो गई आलम ऐसा था कि कई लोगों ने अपने प्रतिष्ठान खोल दिए तो वहीं कई लोगों ने इसके औपचारिक आदेश के बिना दुकान खोलना मुनाशिब नही समझा जिससे जमकर लॉक डाउन का खुलकर उल्लंघन हो रहा है साथ ही सोशल डिस्टेंस का कोई पालन भी नही हो रहा वहीं संस्थानों में हैंडवाश का भी अभाव है सूत्रों की माने तो अब तक अन्य प्रतिष्ठान के लिए कोई आदेश सार्वजनिक नही किया गया है और न ही प्रचार और एलाउंस हुआ है ऐसे में आज लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ी क्योंकि बहुत से बड़े दुकानदार शटर के अंदर से व्यापार कर रहे हैं साथ ही शोशल डिस्टेंस का भी पालन नही हो रहा है जो अपराध भी है ऐसे हालात से छोटे दुकानदारों में रोष भी है । जिन्होंने अधिकारियों को भी शिकायत कर चुके हैं बावजूद कोई कार्रवाई नही हो सकी ….. सड़क में सुबह लोगों की भीड़ के साथ यातायात भी भारी रहता है मानो साप्ताहिक बाजार का दिन हो लेकिन हालात जस के तस हैं समाजसेवियों का कहना है कि इतनी छूट प्रदान करने से लौकडाउन का कोई मतलब नही है मामले में जब हमने प्रशासन का पक्ष जानना चाहा तो एसडीएम ने फ़ोन नही उठाया बहरहाल अब देखना होगा कि भीड़ के दबाव कम करने क्या उपाय प्रशासन करता है ?

