जांजगीर-चांपा मुनादी।। छत्तीसगढ़ में ठगों का जाल फैलता ही जा रहा है। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए रोज नए हथकंडे अपनाकर ठग झांसा दे रहे हैं। ठगी का एक ऐसा ही मामला जांजगीर-चांपा से आया है। दरअसल, बड़े अधिकारियों से अपनी पहचान होने का दावा करके पहले बिजली विभाग में नौकरी लगाने की बात कही और एडवांस में कुछ पैसे भी ले लिए, लेकिन बिजली विभाग में दाल नहीं गली तो रेलवे में जॉब लगवाने की बात करने लगा। इस सोची समझी साजिश में तीन युवक फंस गए और 36 लाख रुपए ठगों को दे दी। इसके साथ् ही उनके कहने पर एक साल की ट्रेनिंग भी कर ली। हालांकि शिकायत के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार युवकों को झांसा देने के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल में युवकों के खर्च पर इस साल भी कथित रूप से रेलवे की नौकरी की ट्रेनिंग भी दिलाई। इस दौरान दो सगे भाइयों से 22 लाख तथा उसके परिचित एक अन्य युवक से 14 लाख सहित 36 लाख रुपए की ठगी कर ली। इसके बाद में भर्ती निरस्त होने का हवाला देकर नौकरी लगाने से मुकर गए। युवकों की रिपेार्ट पर पुलिस ने आरोपी पति- पत्नी और दो सगे भाई सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक अन्य आरोपी अभी फरार है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद बड़ा गिरोह सामने आ सकता है।
इस मामले में जानकारी देते हुए चांपा टीआई मनीष परिहार ने बताया कि थाना क्षेत्र के बालपुर के रमेश मन्नेवार की पहचान जांजगीर थाना क्षेत्र के ग्राम लछनपुर निवासी पुरुषोत्तम पटेल से थे। पुरुषोत्तम पटेल ने रमेश मन्नेवार को बिजली विभाग में नौकरी लगाने का झांसा दिया और बिलासपुर के विधान बैरागी से मिलवाया। विधान बैरागी ने डेढ़ लाख रुपए लेकर रमेश को मंत्रालय रायपुर बुलाया। यहां रमेश ने विधान को डेढ़ लाख रुपए दिए। इसी तरह कई बार रकम ली गई।