रायगढ़ मुनादी।।
जिले में अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ चल रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से खाईवालों के हौसले पस्त हैं, वहीं एक कार्रवाई के बाद आरोपी फून्नू और उसके परिजनों ने SP रायगढ़ से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई को “दुर्भावनापूर्ण” बताते हुए विरोध जताने लगे। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दो टूक कहा—“कार्रवाई कानून और सबूतों के आधार पर हुई है, किसी व्यक्तिगत दुर्भावना का सवाल ही नहीं उठता।”
दस्तावेज़, तकनीकी इनपुट और पुख्ता जांच के बाद ही कार्रवाई
एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने मीडिया से चर्चा में स्पष्ट किया कि पुलिस बिना ठोस आधार के किसी के खिलाफ कदम नहीं उठाती।
“हमारे पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। दस्तावेज़ी प्रमाण, तकनीकी इनपुट और जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया विधिक प्रावधानों के तहत की गई है और मामले में हर कदम कानून सम्मत है।
अवैध सट्टे पर लगातार निगरानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिले में अवैध सट्टा गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आर्थिक अपराधों से समाज को मुक्त रखने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में जिनके खिलाफ साक्ष्य मिल रहे हैं, उन पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
“प्रताड़ना नहीं, अपराध पर अंकुश”
एडिशनल एसपी ने यह भी दोहराया कि पुलिस का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि संगठित अपराधों पर लगाम कसना है।
“दुर्भावना जैसी बातों का कोई आधार नहीं है। कानून अपना काम कर रहा है और आगे भी करता रहेगा,” उन्होंने दो टूक कहा।
सख्त संदेश
जिले में सट्टे जैसे संगठित अपराधों पर लगातार शिकंजा कसने से यह संकेत साफ है कि पुलिस अब किसी भी अवैध नेटवर्क को बख्शने के मूड में नहीं है। विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है—सबूत होंगे तो कार्रवाई होगी, और कानून के दायरे में ही होगी।