Breaking jashpur ये क्या चल रहा है काँग्रेस के भीतर ? सारे के सारे गायब ! भीड़ में सिर्फ भूपेश..भूपेश ... ! जानिए आज क्या हुआ जशपुर में जब ....

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June 12, 2026



Breaking jashpur ये क्या चल रहा है काँग्रेस के भीतर ? सारे के सारे गायब ! भीड़ में सिर्फ भूपेश..भूपेश ... ! जानिए आज क्या हुआ जशपुर में जब ....

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जशपुर मूनादी।। जशपुर जिला मुख्यालय में किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित कलेक्टर कार्यालय घेराव कार्यक्रम कई सवाल छोड़ गया। किसानों की समस्याओं पर एकजुटता दिखाने का दावा करने वाली कांग्रेस खुद अपने ही गुटीय समीकरणों में उलझी नजर आई।


हालात ऐसे रहे कि पूरे प्रदर्शन के दौरान भीड़ में सिर्फ "भूपेश बघेल जिंदाबाद" के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अधिकांश कार्यकर्ता और नेता भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थक गुट से जुड़े दिखाई दिए। इससे यह कार्यक्रम किसानों के आंदोलन से ज्यादा कांग्रेस के अंदरूनी शक्ति प्रदर्शन में तब्दील होता नजर आया।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम के लिए जिन तीन नेताओं को (अरविंद साय और सुकृत सिंह सिदार और दीपक मिश्रा) को  प्रभारी बनाया गया था, उनमें से केवल एक प्रभारी नेता दीपक मिश्रा  ही रैली में दिखाई दिए। बाकी दो प्रभारी नेताओं की गैरमौजूदगी पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बनी रही। 

राजनीतिक गलियारों में पहले से ही चर्चा है कि कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील और कांग्रेस जिलाध्यक्ष यूडी मिंज के बीच लंबे समय से गहरी खींचतान चल रही है। दोनों नेताओं के अपने-अपने गुट हैं और अक्सर एक गुट के कार्यक्रम में दूसरे गुट के कार्यकर्ता नजर नहीं आते। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।

कलेक्टर कार्यालय घेराव में जहां भूपेश समर्थक गुट की अच्छी-खासी मौजूदगी रही, वहीं जिलाध्यक्ष यूडी मिंज गुट के कार्यकर्ता लगभग पूरी तरह नदारद दिखाई दिए। इससे कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

विडंबना यह भी रही कि जिन विनयशील समर्थकों की मौजूदगी पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा दिखी, स्वयं विनयशील इस रैली में मौजूद नहीं थे। लेकिन उनके समर्थकों की सक्रियता ने साफ संकेत दे दिया कि जशपुर कांग्रेस में किस गुट की पकड़ कितनी मजबूत है।


सवाल बड़ा है...

किसानों की मांगों को लेकर आयोजित यह प्रदर्शन क्या वास्तव में किसानों की आवाज था, या फिर कांग्रेस के भीतर ताकत दिखाने का मंच बन गया?

क्योंकि कलेक्टर कार्यालय के बाहर किसानों की मांगों से ज्यादा चर्चा कांग्रेस की गुटबाजी और गायब नेताओं की होती रही।

  

आपको बता दें कि डीजल ,खाद बीज, बिजली की महंगाई सहित कूल 9 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में काँग्रेस जिला मुख्यालय में प्रदर्शन का कार्यक्रम था । जशपुर में भी शुक्रवार को काँग्रेस नेता दीपक मिश्रा की अगुवाई में किसानों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा गया । 




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