बिलासपुर मुनादी।। सामान्य झगड़े में पुलिस ने रोब झाड़ने के लिए एक मजदूर परिवार के मुखिया पर हाथ उठा दिया लेकिन पास में खड़े इसके बेटे को यह बिलकुल पसंद नहीं आया। उसे इतनी ग्लानि हुई कि उसने आत्महत्या कर लिया। इसके बाद पूरे गांव के लोग इकट्ठे हुए और थानों जमकर हंगामा किया। फिलहाल हंगामा जारी है।
मामला बिल्हा थाने का है जहां भैसबोड गांव के हरीश चंद्र गोंदले रोजी मजदूरी का काम करता है। उसका विवाद गांव के ही एक लड़की से हो गया जिसपर लड़की ने थाने में शिकायत लिखा दिया। पुलिस ने हरीश को थाने बुलाया लेकिन वह थाने नहीं जा सका। दूसरे दिन पुलिस हरीश के पिता भागीरथ को पकड़कर थाने ले गई। जब हरीश को इसका पता चला तो वह तत्काल थाने पहुंचा। इसी क्रम में पुलिस के एक आरक्षक ने भागीरथ को थप्पड़ जड़ दिया। हालांकि मामले में समझौता तो हो गया लेकिन हरीश को अपने पिता का अपमान बर्दाश्त नहीं हुआ और दूसरे दिन उसने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
हरीश के आत्महत्या की खबर गांव वालों को लगी वे इक्कठे होकर बिल्हा थाना पहुंच गए। उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता जसबीर सिंह भी अपने दलबल के साथ पहुंच गए। ग्रामीणों ने वहां पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस मामले को रफा दफा करने 20 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी आरक्षक रूपलाल चंद्रा पर पहले भी पैसे उगाही के आरोप लगे हैं।