बिलासपुर मुनादी।।सरकार के खिलाफ खुलकर हल्ला बोलने वाली भाजपा की सबसे ताकतवर आईटी सेल हल्ला बोल में बड़ी फूट होने की खबर आ रही है। खबर है कि हल्ला बोल टीम के एम योजनाकर को ही टीम से उपेक्षित किए जाने के बाद हल्ला बोल टीम 2 खेमे में बंट गई है और एक बड़ा खेमा टीम को बॉय बॉय बोलकर टीम से बाहर हो रहा है।
मंगलवार की सुबह टीम की सबसे एक्टिव और सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली रायगढ़ भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री दुर्गा देवांगन ने अपने फेसबुक वाल पर टीम हल्ला बोल से अलविदा होने का एलान कर दिया । टीम छोड़ने से ज्यादा बड़ी खबर टीम छोड़ने की वजह थी जिसे दुर्गा देवांगन ने साफ साफ लिखा । उन्होंने लिखा कि हल्ला बोल टीम स्वार्थ और राजनीतिक महत्वाकांक्षा की भेंट चढ़ गया है ।जिसने इस टीम को ऊंचाई दी उसे ही राजनीतिक महात्वाकांक्षा के चलते टीम से पृथक कर दिया गया इसलिए इस टीम में मेरा रहने का कोई औचित्य नहीं बनता "
दुर्गा के इस पोस्ट के बाद कई लोगो के द्वारा टीम छोड़ने की खबर आने लगी ।मुनादी डॉट कॉम ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि इस टीम को मुख्य तौर पर प्रमोद सिंह के द्वारा संचालित किया जा रहा था । सरकार के खिलाफ मुद्दा ढूंढने से लेकर मुद्दे से संबंधित पोस्ट बनाने और पोस्ट को हजारों ग्रुप तक सर्कुलेट करवाने की पूरी जिम्मेदारी प्रमोद सिंह के हाथ में थी इसलिए इस टीम के लोग इन्हें कप्तान के रूप में जानते थे।महज 2 साल में हल्ला बोल ने आंदोलन का स्वरूप ले लिया t लोग तेजी से इस टीम से जुड़ने लगे और हल्ला बोल से जारी पोस्ट बड़ा मुद्दा बनने लगा ।कुछ दिन पहले टीम के कई लोगो के खिलाफ सीरियल एफ आई आर दर्ज होने लगे तो टीम के अगुवा लोगो न केवल अपना हाथ खीच लिया बल्कि टीम के सबसे एक्टिव और मुख्य कर्ता धर्ता के रूप में जाने जाने वाले प्रमोद सिंह कप्तान को टीम से बाहर होने पर मजबूर होना पड़ा । टीम में अधिकांश लोग प्रमोद सिंह के चलते ही जुड़े थे और जब उन्हें पता चला कि प्रमोद सिंह की उपेक्षा हो रही है और उपेक्षा के चलते उन्हें टीम को अलविदा कहना पड़ा तो उनसे जुड़े लोग भी टीम से विदा होने लगे।
पता चला कि अप्रैल 2020 में हल्ला बोल टीम की स्थापना हुई । राष्ट्रवाद हिंदुत्व और भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से इस टीम को स्टेंड किया गया।इस टीम का कमान भाजपा के संगठन महा मंत्री पवन साय के हाथ में है याने पवन साय इस टीम के मुखिया है ।इस टीम में तकरीबन साढ़े 500 एक्टिव मेंबर हैं जो राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के मुद्दे से जुड़े पोस्ट को हजारों सोशल मीडिया ग्रुप में सर्कुलेट करते हैं और एक पोस्ट की रिच लाखो तक होती है ।
हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे से जुड़े होने के कारण हल्ला बोल काफी कम समय में शिखर तक पहुंच गया लेकिन टीम के शिखर तक पहुंचते ही टीम में गुटबाजी बढ़ गई और टीम का अगुवा बनने की होड़ मच गई । इसी बीच हल्ला बोल टीम का कमान प्रमोद सिंह से लेकर भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय के करीबियो को दे दिया गया यही से फूट शुरू हो गई और फूट इतनी बढ़ गई कि टीम के लोग अपने ही टीम के मुखिया के उपर सोशल मीडिया में हल्ला बोलने लगे ।