रायगढ़ मुनादी।। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है, जो अपने गिरोह के साथ मिलकर विभिन्न सटोरियों को क्रिकेट सट्टा आईडी उपलब्ध कराता था तथा उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करता था। आरोपी द्वारा सट्टेबाजों को अधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से ऐसी वेबसाइट एवं आईडी तैयार कर बेची जा रही थी, जिसमें लाइव क्रिकेट मैच का प्रसारण टेलीविजन प्रसारण से लगभग पांच सेकेंड पहले उपलब्ध हो जाता था, जिसका उपयोग कर सटोरिये बॉल-टू-बॉल सट्टेबाजी में अनुचित लाभ प्राप्त कर रहे थे।
न्यू शंकरनगर स्थित मकान में दबिश देकर आरोपी गिरफ्तार
विदित हो कि एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रायगढ़ के साइबर पुलिस थाना द्वारा पूर्व में रायगढ़ सहित कोलकाता एवं गोवा तक फैले सट्टा नेटवर्क के विरुद्ध सिलसिलेवार कार्रवाई की जा चुकी है। एसएसपी रायगढ़ के निर्देशन पर सीएसपी मयंक मिश्रा पूरे सिंडीकेड के लिंक से जुड़े व्यक्तियों की जांच की जा रही है । इसी दौरान पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि न्यू शंकरनगर रायगढ़ में एक व्यक्ति अपने घर से कंप्यूटर एवं विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के लिए आईडी बनाकर बेच रहा है।
सूचना पर थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में साइबर थाना टीम ने न्यू शंकरनगर रायगढ़ क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस को देखकर एक युवक भागने का प्रयास करने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम आदर्श कुमार केशरी पिता प्रदीप कुमार केशरी, उम्र 28 वर्ष, निवासी न्यू शंकरनगर, शीतला मंदिर के पास, थाना कोतरारोड, जिला रायगढ़ बताया। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन एवं आईडी निर्माण से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त हुए। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों एवं पूरे नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए अपराध स्वीकार किया।
दिल्ली और नोएडा से संचालित था सट्टा सिंडिकेट
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बी.टेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है तथा वर्तमान में दिल्ली स्थित एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। अक्टूबर 2025 में उसकी मुलाकात रायपुर निवासी एवं बिहार निवासी दो मित्रों से हुई, जो नोएडा स्थित आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं। इनके माध्यम से वह ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़ा तथा Winbigpro नामक प्लेटफॉर्म के संचालन और तकनीकी प्रबंधन का कार्य करने लगा, जिसके बदले उसे 20% कमीशन प्राप्त होता था।
आरोपी एवं उसके साथियों द्वारा क्रिकेट मैचों के प्रसारण में मौजूद तकनीकी विलंब का अध्ययन कर ऐसी वेबसाइट विकसित की गई, जिसमें मैच की जानकारी सामान्य टीवी प्रसारण से लगभग पांच सेकेंड पहले दिखाई देती थी। इसी विशेषता के कारण सट्टेबाजों को बॉल-टू-बॉल सट्टे में बढ़त मिलती थी। आरोपी ने बताया कि गिरोह द्वारा क्रिकेट सट्टा में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न डोमेन एवं वेबसाइटों का अध्ययन कर उनसे मिलते-जुलते प्लेटफॉर्म तैयार किए जाते थे तथा देश के विभिन्न महानगरों सहित रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर के सटोरियों को आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस से बचने के लिए समय-समय पर वेबसाइट का नाम, यूजर आईडी और पासवर्ड भी बदले जाते थे। इनके सिंडिकेट में सोशल मीडिया में पोस्ट डालने, आईडी बेचने और वेब साइड क्रिएअट करने और भी अलग-अलग लोगों की टीम बनाकर रखे हुये थे ।
सट्टा आईडी बिक्री के साथ भुगतान निकासी का भी करता था काम
आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि वह केवल सट्टा आईडी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं था बल्कि सटोरियों के भुगतान एवं विड्रॉल संबंधी कार्यों में भी सहयोग करता था। उसके द्वारा उपयोग किया जाने वाला एचपी कंपनी का लैपटॉप दिल्ली स्थित उसके ठिकाने पर छिपाकर रखा गया है, जिसका उपयोग वेबसाइट डेवलपमेंट एवं ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन से जुड़े कार्यों में किया जाता था।
दो मोबाइल फोन जब्त, आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी आदर्श कुमार केशरी के कब्जे से एक सैमसंग एस-23 एवं एक वनप्लस मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच में आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4 एवं 7 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध पाए जाने पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में विवेचना जारी है ।