जशपुर मुनादी।। जशपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे है , यहॉं आने पर आपकी जान "राम" ही बचा सकते है । ताजा मामला फिर से एक टेस्ट रिपोर्ट का ही है । यहाँ के जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई एक महिला का VDRL टेस्ट किया गया और यही टेस्ट जिला अस्पताल के लिए जहमत बना हुआ है।
आप भले ही यकीन ना करें लेकिन सच यह है कि प्रसव के लिए 13 अप्रैल को आई महिला का 3 दफा VDRL टेस्ट हुआ और तीनों रिपोर्ट अलग अलग । हद्द तो तब हो गई जब एक ही पाथोलैब ने एक ही दिन में महिला का 2 बार vdrl टेस्ट किया और दोनों बार अलग अलग रिपोर्ट आये । एक रिपोर्ट vdrl पॉजिटिव आया और थोड़ी ही देर बाद महिला का रिपोर्ट नेगेटिव आ जाता है ।
हम बात कर रहे है जशपुर के आयुष पैथो लैब का । आयुष पाथोलैब में महिला का 2 बार टेस्ट हुआ एक रिपोर्ट नेगेटिव तो दूसरा रिपोर्ट उसका पॉजिटिव आ गया । फिर उसी दिन जिला अस्पताल के लैब में उसी महिला का फिर से vdrl टेस्ट किया जाता है और जिला अस्पताल के रिपोर्ट में फिर से महिला का रिपोर्ट रिएक्टिव आ जाता है ।
याने एक ही दिन में 3 बार जाँच हुई और तीनों बार महिला की जाँच रिपोर्ट अलग आयी अब आप सोंच सकते हैं कि गम्भीर बीमारियों वाले मरीजो के साथ यहाँ कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है । यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई ऐसे मामले के खुलाशे हो चुके है । बीते वर्ष टेस्ट रिपोर्ट में हुई भारी चूक के चलते केरसई के रहने वाले एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है लेकिन जाँच रिपोर्ट को लेकर करवाई तो छोड़िए जाँच तक नहीं की गई ।
खबर है कि जाँच रिपोर्ट लीक होने के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है और इस मामले में कागजी लीपापोती भी शुरू हो गई है । सूत्रों की माने तो आज फिर से उसी महिला का vdrl टेस्ट हो सकता है लेकिन सवाल यह है कि आखिर किस टेस्ट रिपोर्ट को सही माना जाय । आज जो रिपोर्ट आएगी वो या फिर 13 अप्रैल को जो रिपोर्ट आई थी वो ? सबसे अहम सवाल ये भी है कि आखिर गम्भीर मरीजो की जान से खिलवाड़ करने का सिलसिला यहाँ कब थमेगा ?