कोरबा मुनादी।। जिले से वड़ी खबर मिली है। जानकारी के अनुसार गेवरा खदान में मिट्टी निकासी के काम में लगी एक 240 टन क्षमता की डंपर अचानक धू-धूकर जलने लगी। इसकी सूचना मिलते ही आग बुझाने की कोशिश शुरू हुई, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक डंपर पूरी तरह जल कर खाक हो गया। वहीं, ड्राइवर ने कूद कर किसी तरह जान बचाई। दूसरी ओर, डंपर में आग लगने की प्रबंधन ने विभागीय स्तर जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही बिलासपुर से डायरेक्टर जनरल माइंस ऑफ सेफ्टी (डीजेएमएस) व आईएसओ की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा खदान में हुई घटना से कर्मियों में नाराजगी व्याप्त है। बताया जा रहा है कि गेवरा खदान में 240 टन क्षमता का 1127 नंबर डंपर लेकर ऑपरेटर रामदेव खदान में निकासी कार्य में लगा हुआ था, तभी उसे डंपर में कुछ खराबी होने का आभास है। इस पर वह डंपर को लेकर मेंटेनेंस के लिए ओबी पार्किंग स्थल पर जा रहा था, तभी डंपर में आग लग गई। शीशे में उसे आग की चिंगारी दिखाई दी। आनन फानन में डंपर रोक कर वह देखा, तब तक आग तेज हो गई।
किसी तरह सीढ़ी से नीचे उतरने का प्रयास कर रहा था, पर आग बढ़ने की वजह से उसे कूदना पड़ी। इस बीच आग की लपटें तेज हो गई। घटना की जानकारी शिफ्ट इंचार्ज व दमकल को दी गई। जब तक अधिकारी व दमकल स्थल पर पहुंची, तब तक डंपर आग की लपटों से पूरी तरह घिर चुका है। टायर भी ब्लास्ट हो गए, इससे आग भडक गई और अंतत: डंपर खाक हो गया। घटना की वजह शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। घटना के बाद आपरेटर को उपचार के लिए नेहरू शताब्दी अस्पताल (एनसीएच) में भर्ती कराया गया। कर्मियों का कहना है कि उत्पादन बढ़ाने पर प्रबंधन ज्यादा जोर दे रहा है, पर मेटेनेंस के नाम खानापूर्ति की जा रही है। इससे डंपरों में आए दिन कोई न कोई खराबी आ रही है।