पहले सट्टेबाजों का बहिष्कार, अब सब कुछ स्वीकार ? भावनाओं का खेल या भावना से खिलवाड़ ? आपका, पॉलिटिक्स क्या है ?

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March 19, 2023



पहले सट्टेबाजों का बहिष्कार, अब सब कुछ स्वीकार ? भावनाओं का खेल या भावना से खिलवाड़ ? आपका, पॉलिटिक्स क्या है ?

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रायगढ़ मुनादी।। कुछ बातें जो भावना में बहकर की या कही जाती है उससे कई बार भावनाओं से खिलवाड़ हो जाता है। यह तब और बुरा होता है जब मामला किसी के मौत से जुड़ी हो, जब पूरे समाज ने शपथ ली हो। तब सवाल उठना भी लाजिमी है। ऐसे ही सवाल आजकल रायगढ़ के सोशल मीडिया में उठाए जा रहे हैं और कुछ जा रहा है कि आपका पॉलिटिक्स क्या है ?

कुछ महीने पहले शहर के एक युवा व्यवसाई मयंक मित्तल ने अपने ही घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। मामला सट्टेबाजी से जुड़ा था। इस समय कहा गया था कि मृतक मयंक सट्टेबाजी का शिकार हो गया। कहा गया कि सट्टा खेलने के लिए उसने भारी रकम कर्ज के रूप में लिया था और हार जाने पर तकादे से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। उस मामले में शहर के ही तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

इस हादसे के बाद पूरा शहर उबाल पड़ा था। अग्रसेन भवन में सर्व समाज की एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें सभी समाज के लोगों के साथ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी बुलाया गया था जो नए नए जिले में कार्यभार संभाला था। उस मीटिंग में लोगों ने आक्रोश का इजहार भी किया था और उन्हें बुरा भला भी कहा था। यहां तक कहा गया था कि सट्टेबाज आपके थाने चला रहे हैं । इसके बाद सर्व समाज की ओर से निर्णय लिया गया था कि सट्टेबाजों को किसी सार्वजनिक मंच या कार्यक्रम में कोई हिस्सेदारी नहीं होगी और अग्रोहा धाम के लिए एक कथित सटोरिए द्वारा दिए गए दान की रकम को लौटाने के लिए भी दबाव बनाने की बात कही गई। दो कथित सटोरिए का नाम भी लिया गया जिसमें एक उस समय गिरफ्तार किया जा चुका था। लेकिन आगामी रामनवमी शोभा यात्रा में उसकी हिस्सेदारी और आयोजन में बढ़ते दखल के बाद सोशल मीडिया में सवाल उठना शुरू हो गया।

इस मसले पर सवाल यह उठाया गया है कि सारे समाज ने उस बैठक को बुलाया था उसमें सटोरियों से कोई सहयोग नहीं लिए जाने और मंच नहीं दिए जाने की बात की गई थी लेकिन सर्व समाज द्वारा ही आयोजित रामनवमी शोभा यात्रा में सट्टा और मयंक आत्महत्या में आरोपित व्यक्ति को कार्यक्रम में हिस्सेदारी क्यों दी गई। समाज की बैठक में उसे क्यों बुलाया गया ?



इस मसले पर मुनादी ने रामनवमी शोभायात्रा आयोजन समिति के कई सदस्यों से बात की। जब इस मसले पर नगर निगम सभापति जयंत ठेठवार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमे सर्व समाज के उस निर्णय के बारे में कोई जानकारी नहीं है, उस बैठक में मुझे नहीं बुलाया गया था। अपराध और आस्था दो अलग अलग चीजें हैं। अपराधी की भी आस्था हो सकती है, यह धार्मिक कार्य है हालांकि आयोजन समिति की बैठक रविवार को होना है वहां पर जब सवाल उठेगा तो सभी से बात होगी।



वहीं आयोजन समिति के अग्रिम पंक्ति के सदस्य और सर्वसमाज के प्रतिनिधि प्रदीप गर्ग ने मुनादी से कहा कि अभी तक रामनवमी शोभा यात्रा के लिए किसी से सहायता नहीं ली गई है । कल बैठक है, हम अपने निर्णय पर कायम हैं। सट्टेबाजों से रामनवमी शोभायात्रा के लिए कोई सहयोग नहीं लिए जायेगा।



हालांकि आयोजन समिति के अन्य सदस्य आशीष ताम्रकार ने मुनादी से कहा कि रामनवमी शोभा यात्रा का सर्व समाज अलग है और उस मामले में बैठक करने वाला सर्व समाज अलग। रामनवमी शोभायात्रा आयोजन करने वाली सर्व समाज ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया था।

बहरहाल सबकी निगाह रविवार की बैठक पर टिकी है। देखना यह है कि सर्व समाज इस बार क्या निर्णय लेता है। यदि अपने निर्णय पर सर्व समाज कायम नहीं रहता तो सवाल उठेंगे और यह जायज भी है। यह भावनाओं का खेल नहीं बल्कि भावनाओं से खिलवाड़ होगा। 


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