रायगढ़ मुनादी।। जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमनार क्षेत्र के बाद अब लैलूंगा थाना क्षेत्र के घाटगांव में भी अफीम की खेती मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह जमीन किसी साधराम नागवंशी की बताई जा रही है ।
मिली जानकारी के अनुसार, घाटगांव निवासी साधराम नागवंशी के खेत में करीब 15 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद लैलूंगा पुलिस तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में अफीम के पौधे पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने फसल को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच तेज कर दी गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में अफीम की अवैध खेती के मामले सामने आ चुके हैं। दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में हाल ही में ऐसे ही मामलों का खुलासा हुआ था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अवैध खेती संगठित नेटवर्क के जरिए की जा रही हो सकती है, जिसमें स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मिलीभगत भी शामिल हो सकती है। हालांकि पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या फिर स्थानीय स्तर पर ही इसे अंजाम दिया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में भी सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी का माहौल है और ग्रामीणों में भी डर और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में अफीम की अवैध खेती का नेटवर्क गहराता जा रहा है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को और अधिक सख्ती और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।