रायगढ़ मुनादी।। गायत्री शक्तिपीठ पुसौर के सक्रिय कार्यकर्त्ता एवं पूर्व व्यवस्थापक रहे स्व. सी सी लाल श्रीवास्तव की सुपुत्री ज्योति श्रीवास्तव जी का कल 12 दिसंबर सोमवार की रात के 9 बजे आकस्मिक निधन हो गया। उन्होंने मृत्यु के पश्चात अपने शरीर को चिकित्सीय प्रयोजन हेतु दान कर दिया था अतः उनके शव को मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया।
ज्योति श्रीवास्तव का जन्म 3 नवम्बर 1968 को हुआ था। वे विकासखंड कार्यालय पुसौर में विकासखंड स्रोत समंवयक के पद पर पदस्थ थीं। ज्योति श्रीवास्तव राजीव गांधी शिक्षा मिशन में कई सालों तक जिला कार्यालय में समन्वयक रहते हुए बालिका शिक्षा, दिव्यांग जन के शिक्षा को लेकर कई कार्य किए। इसके बाद स्वास्थ कारणों से वे अपने गांव पुसौर ट्रांसफर करवाकर वहीं पदस्थ हो गए। वहां भी शिक्षा के लिए काम करते हुए उन्होंने सरकारी योजनाओं को अच्छे ढंग से लागू करवाने में अहम योगदान दिया।
साथ ही कई NGO में सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में सक्रिय थीं। वे पिछले तीन साल से अस्वस्थ चल रहीं थीं। उन्हें स्वांस संबंधी गंभीर समस्या थी जिसके कारण उन्हें ऑक्सीजन मास्क लगा था। वे इस दशा में भीं अपने कर्तव्यों का सक्रिय रूप से निर्वहन कर रही थीं। उन्होंने कई वर्षों पहले ही मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के अध्ययन एवं शोध कार्य के लिए अपना शरीर दान कर दिया था। उनके निधन के पश्चात् 13 दिसंबर को स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ के एनाटोमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल आर. शेरके एवं प्रोफेसर डॉ सुरजीत कुण्डू को समर्पित किया गया। सुश्री श्रीवास्तव जी का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। जिनकी कमी गायत्री परिवार पुसौर, शिक्षा विभाग एवं समस्त पुसौर नगरवासियों को हमेशा महसूस होती रहेगी।