बिलासपुर मुनादी।। यहां अचानक एक घर आग लग गई और तेजी से पूरे मकान को अपने चपेट में ले ली। इस दौरान मां-बेटे घर के अंदर ही फंस गए और दोनों की दम घुटने से मौत हो गई।
आग इतनी तेज थी कि पूरा सामान जलकर खाक हो गया है। बताया जा रहा है कि घर के दरवाजे के सामने थिनर बनाने के लिए तारपीन के डिब्बे रखे थे। इस वजह से आग की लपटें इतनी तेज थी कि मां-बेटे को बाहर नहीं निकाला जा सका। आग बुझने के बाद जब उन्हें हॉस्पिटल को पहुंचाया गया, तब तक मां नम्रता कश्यप की मौत हो चुकी थी। कुछ देर इलाज के बाद बेटे अर्थ को भी मृत घोषित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक पीडीएस की दुकान संचालित करने वाले रोमी कश्यप का मकान मधुबन रोड पर है। रविवार देर शाम को घर पर रोमी की पत्नी नम्रता और बेटा अर्थ ही थे। पहले माले पर हॉस्टल के बच्चे थे। शाम करीब 6.30 बजे आग की लपटें उठते देखकर आसपास की लोग जुटे। घर के दरवाजे के सामने ही स्प्रिट के डिब्बों के कारण इतनी तेज लपटें उठ रही थीं कि भीतर बंद मां-बेटे को कोई बचाने अंदर नहीं जा सका, ना ही वे बाहर आ पाए। घंटेभर बाद आग पर काबू पाने के बाद मां-बेटे को बेसुध हालत में बाहर निकाला गया। उन्हें अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया, जबकि बच्चे का आईसीयू में इलाज शुरू किया गया। आधे घंटे बाद बेटे को भी मृत घोषित कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर से चिंगारी निकली और केबल के जरिए घर तक पहुंची। घर के दरवाजे पर स्प्रिट से भरे हुए डिब्बे रखे थे। इससे आग भड़की। जिस मकान में आग लगी उसके पहले माले में हॉस्टल है। 8-9 लड़के वहां मौजूद थे। उन्होंने छत से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आग की लपटें इतनी तेज थी कि घर के भीतर रखे सारे सामान जलकर खाक हो गए। दरवाजे के पास खड़ी बाइक पूरी तरह जल गई।