रायगढ़ मुनादी।। शहर के पहले महापौर जेठूराम मनहर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा को अपने सोशल मीडिया में भी पोस्ट किया है। मनहर पिछले 20 सालों से कांग्रेस के साथ थे। एक बार महापौर बने, दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लगा लेकिन महापौर चुनाव है गए। अब उनके भाजपा प्रवेश की अटकलें लगाई जा रही है।
जेठीराम मनहर कई सालों से ही अपनी पार्टी से नाराज चल रहे थे। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अपने पार्टी नेताओं को उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि यदि पार्टी पूर्व विधायक प्रकाश नायक को टिकट देगी तो वे चुनाव प्रचार या पार्टी के चुनावी कार्य से खुद को अलग कर लेंगे। और उन्होंने पूर्व विधायक प्रकाश नायक को टिकट मिलने के बाद खुद को चुनाव से अलग कर लिया था। पहले से ही यह माना जा रहा था कि मनहर बहुत जल्द पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। सोमवार को उन्होंने ऐसा कर भी दिया।
इस संबंध में मुनादी ने उनसे जब बात की तो उन्होंने कहा मैं पार्टी में खुद को कंफर्टेबल महसूस नहीं कर रहा था। जहां सम्मान न मिले वहां दम घुटना लाजिमी है। मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नहीं लेकिन मैं अब पार्टी में नहीं रहा सकता था। भाजपा में शामिल होने संबंधी सवाल पर उन्होंने यह कहा कि हालांकि अभी मैंने यह तय नहीं किया है लेकिन राजनीति है और शहर के हित को ज्यादा प्राथमिकता देता हूं उसके लिए कुछ भी करना पड़े। राजनीति अनिश्चितता वाला प्रोफेशन है कब कौन कहां चला जाय कुछ कहा नहीं जा सकता, सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
हालांकि उन्होंने भाजपा में जाने को लेकर कुछ स्पष्ट तो नहीं कहा लेकिन उन्होंने इससे इंकार भी नहीं किया। जेठीराम मनहर के कांग्रेस छोड़ने से कांग्रेस को क्या नुकसान होने वाला है या उनके भाजपा में जाने से भाजपा को क्या लाभ होगा यह तो समय बताएगा लेकिन नगर निगम चुनाव की सुगबुगाहट के साथ कांग्रेस के लिए आज के दिन बड़ा झटका मिल गया है।