रायपुर मुनादी।। प्रदेश भाजपा की राजनीति में भी सबकुछ ठीक ठाक होता नहीं दिख रहा है। पहले से ही अपने नेतृत्व से नाराज चल रहे प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री वो बड़े आदिवासी नेता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि या तो यहां के कलेक्टर को हटाया जाए अन्यथा वे मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठ जाएंगे।
प्रदेश के कद्दावर आदिवासी नेता और अपनी बेवाक बयानों के लिए माने जाने वाले भाजपा नेता ननकी राम कंवर ने प्रदेश सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री के नाम लिखा है जिसमें कहा गया है कि या तो सरकार कोरबा के कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटा दे या फिर में 4 अक्टूबर से मुख्यमंत्री निवास के सामने धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत पर तानाशाही रवैया अपनाने तथा भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में ही उन्हें तानाशाह, हिटलर और भ्रष्ट करार दे दिया है। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से इनकी शिकायत पहले भी की थी और अल्टीमेटम भी दिया था जिसपर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा नेता वो पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने दो पन्नों के पत्र में कलेक्टर और अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार पर उनकी बात अनसुनी करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान भ्रष्टाचार की शिकायत और उनपर हुई कर्तव्यों का भी विवरण देते हुए लिखा है कि उनके पत्र पर केंद्र की मोदी सरकार तक ने कार्रवाई की, अभी भी कई अधिकारी और नेता उसमें फंसे हैं बावजूद इसके वर्तमान प्रदेश सरकार उनकी बातों को अनसुनी कर रही है।
विदित रहे कि भाजपा के ही युवा विंग के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और आदिवासी नेता ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।हालांकि सरकार ने उनकी कई मांगों पर निर्णय लेकर नियम बनाया भी फिर भी वे लगातार सरकार और स्थानीय मंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया में लिख रहे हैं और सरकार एवं प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।