रायगढ़ मुनादी।। कुछ दिनों से लगातार नगर निगम आयुक्त लोगों के निशाने पर हैं। उनकी कार्रवाई और बयानों से लोगों में नाराजगी बढ़ ही रही है। नया मामला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की फीस बढ़ाने का है। बताया जाता है कि बिना समिति की सलाह खिलाड़ियों का शुल्क दोगुना से ज्यादा बढ़ा दिया गया है इससे खेल संघ में भी नाराजगी है।
बताया जाता है कि निगम आयुक्त के नाम से जारी एक आदेश में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बैडमिंटन और लॉन टेनिस का खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। बेडमिंटन खेलने की मासिक शुल्क पहले 300 ₹ थी जिसे एक साल पहले ही 500₹ कर दिया गया था। लेकिन नए आदेश में निगम आयुक्त ने इसकी फीस बढ़ाकर 1000 ₹ कर दिया है जो पहले की अपेक्षा दोगुना है। यही नहीं वार्षिक शुल्क को भी 4500₹ से बढ़ाकर 10000₹ कर दिया गया है।
इसी तरह लॉन टेनिस के लिए पूर्व में 1000₹ की मासिक शुल्क तय की गई थी जिसे बढ़ाकर 1500₹ कर दिया गया है। पंजीयन शुल्क भी 1500₹ से बढ़ाकर 2000 ₹ कर दी गई है। इसी तरह लॉन टेनिस के लिए वार्षिक शुल्क 15000 ₹ कर दी गई है। रिन्यूअल फीस 1000 ₹ निर्धारित किया गया है।
बेडमिंटन संघ सहित खेल संघों ने इसपर आपत्ति जताने के लिए बैठक की है। उनका कहना है कि ऐसे में कोई कमजोर खिलाड़ी कैसे खेल पाएगा ? किसी ने कहा कि जब निगम आयुक्त के सामने यह बात उठाई गई कि कोई गरीब खिलाड़ी कैसे खेलेगा तो उनका जवाब था कि जिसे खेलना है उसे फीस देने ही होंगे गरीब हो या अमीर।
इस मामले पर रायगढ़ स्टेडियम समिति के सदयों का कहना है कि फीस बढ़ाने या इस तरह के कोई निर्णय से पहले समिति के सदस्यों की राय ली जानी चाहिए थी लेकिन स्टेडियम समिति की कोई बैठक इस संबंध में नहीं बुलाई गई। वैसे तो साल भर से ज्यादा समय से इस समिति की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। मनचाहा निर्णय दफ्तरों से ले लिया जाता है और उसे जारी कर दिया जाता है।