लखबीर सिंह और हंसराज के भजनों पर झूम उठे लोग, दूसरे दिन दर्शकों का रेला, खचाखच भर गया अयोजन स्थल, लोगों ने कहा, भूतो न .............पढ़िए पूरी खबर

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June 03, 2023



लखबीर सिंह और हंसराज के भजनों पर झूम उठे लोग, दूसरे दिन दर्शकों का रेला, खचाखच भर गया अयोजन स्थल, लोगों ने कहा, भूतो न .............पढ़िए पूरी खबर

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रायगढ़ मुनादी।। राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के दूसरे दिन आयोजन स्थल पर रिकॉर्ड भीड़ पहुंची थी। लखबीर सिंह लक्खा और हंसराज रघुवंशी के भजनों ने समां बांध दिया। लोग भजन के और पर थिरकने लगे और लोगों के शोर से पूरा अयोजन स्थल बार बार गुजाने लगता।

शुक्रवार को रामलीला मैदान में इतनी भीड़ जुटी जिसका अंदाजा शायद प्रशासन को भी नहीं था। जितनी भीड़ अंदर थी उतनी ही बाहर एलईडी पर लाइव शो देख रही थी। भीड़ का आलम यह था कि गेट बंद कर देना पड़ा क्योंकि अंदर जगह नहीं बची थी। खचाखच भरे दर्शकों के बीच पहले लखबिंदर सिंह लक्खा ने भजन से दर्शकों को सराबोर कर दिया। उनके भजनों को सुनकर लोग झूमने लगे। लोग इतने मतंग थे कि कई बार लक्खा को अपना सुर लो पिच पर लाना पद जाता था लेकिन लोगों का उत्साह कम नहीं हो रहा था।

लक्खा के जाने के बाद भोला है भंडारी जैसे भजनों के प्रसिद्ध हंसराज रघुवंशी ने मोर्चा संभाला। पूरा युवा जैसे उन्हीं को सुनने आया था। उनके स्टेज पर आते ही युवा, युवती, महिला, पुरुष तालियां बजाकर, चिल्लाकर उनका स्वागत करने लगे। जैसे ही उनका भजन शुरू हुआ लोग अपनी अपनी जगह पर खड़े हो गए। तालियां बजाकर, नाचकर, झूमकर उनके सुर में सुर मिलाने लगे। उत्साह का आलम यह था कि हंसराज का कोई भी भजन लोगों के दिल को छू रहा था और लोग रिएक्शन दे रहे थे।

इस आयोजन के बाद लोग यह कहते मिले कि ऐसा आयोजन तो यहां न पहले कभी हुआ था और शायद आगे न भी हो। यानि भूतो न भविष्यति। हालांकि भविष्य को किसी ने देखा नहीं है लेकिन इस कहावत के द्वारा लोग इस आयोजन को अभूतपूर्व आयोजन की संज्ञा दे रहे थे। कई लोगों ने मुनादी से यह भी कहा कि सरकारी स्तर पर ऐसे आयोजन की कल्पना उन्होंने कभी की जी नहीं थी। लोग भजन के साथ विदेशी कलाकारों के मंचन की भी जमकर तारीफ कर रहे थे। इससे बड़ी बात यह कि इस आयोजन के लिए वे सरकार की प्रशंसा भी कर रहे थे।

पूरा शहर ही नहीं बल्कि आसपास के जिले के लोग भी इस आयोजन में शरीक हुए और उन्होंने भजन और रामायण की प्रस्तुतियों का भरपूर लुत्फ उठाया। यह कहना अतिश्योक्ति बिलकुल नहीं होगी कि इस आयोजन ने लोगों को अपनी तरफ खींचा। जो लोग यह मन रहे थे कि पंडाल बहुत बड़ा है उन्हें आज की भीड़ देखकर आश्चर्य हो रहा था। कई लोगों का यह कहना था कि इतनी छोटी जगह में इतना बड़ा आयोजन हो रहा है।



इससे पहले रायगढ़ में इसी मैदान में चक्रधर समारोहनका आयोजन होता रहा है और बड़े बड़े कलाकार की उपस्थिति भी उसमें होती रही है लेकिन भीड़, लोगों का यह सैलाब कभी नहीं देखा गया था। कलाकारों से लेकर श्रोताओं तक में गजब की एनर्जी देखने को मिल रही थी। आयोजन से पहले हंसराज रघुवंशी और लक्खा का प्रेस कांफ्रेंस भी हुआ जिसमें वे प्रेस से मुखातिब होकर अपनी बात कही। कलाकारों ने भी इतने बड़े आयोजन के लिए सरकार को शुक्रिया कहा। लेकिन ज्यादातर कलाकार यह मन रहे थे कि रामायण का इतना बड़ा महोत्सव  उन्होंने इसे पहले नहीं देखा। यही हाल स्थानीय लोगों का भी था।

शनिवार को इस समारोह का अंतिम दिन है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसका समापन भी करेंगे। यह समारोह निश्चित रूप से रायगढ़ के इतिहास में अंकित होगा। इस आयोजन के लेकर राजनीतिक लाभ हानि की चर्चा करना बहुत जल्दबाजी होगी लेकिन लोगों के चेहरे की खुशी बताती है कि इस आयोजन से वे बहुत खुश हैं। 


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