जशपुर मूनादी ।। कहते हैं कि जब घर के लोग ही आपस में उलझ जाएँ तो मेहमान दरवाजे से ही लौट जाता है। दुलदुला ब्लॉक में इन दिनों कुछ ऐसा ही हाल विकास का है। विकास बेचारा फाइल हाथ में लेकर खड़ा है, लेकिन भाजपा के नेता पहले आपस का हिसाब-किताब निपटाने में व्यस्त हैं।
चर्चा है कि दुलदुला में भाजपा के एक जनपद उपाध्यक्ष और संगठन के स्थानीय नेताओं के बीच ऐसी राजनीतिक रस्साकशी चल रही है कि विकास कार्य भी बीच में फँस गए हैं। इलाके में यह बात जोर-शोर से कही जा रही है कि ब्लॉक के अधिकांश निर्माण कार्यों में जनपद उपाध्यक्ष का दखल बढ़ गया है। बस, यहीं से राजनीतिक तापमान चढ़ गया।
इधर जनपद उपाध्यक्ष ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए एक सरकारी स्कूल में अपने निजी खर्च से बाउंड्रीवाल बनवानी शुरू कर दी। लेकिन यह बाउंड्रीवाल सिर्फ स्कूल की चारदीवारी नहीं रही, बल्कि भाजपा के भीतर राजनीतिक दीवार भी बन गई। विरोधियों का आरोप है कि वे दूसरे जनपद सदस्यों के क्षेत्र में भी सक्रिय होकर राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं।
मामला यहीं नहीं रुकता। चर्चा यह भी है कि सरकारी स्कूलों में किचन शेड और शौचालय मरम्मत के लिए फंड तो स्वीकृत हो गया, लेकिन राजनीतिक खींचतान ऐसी चली कि तीन महीने बीत गए और काम अब तक आगे नहीं बढ़ पाया। ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं कि पहले राजनीति की मरम्मत होगी या स्कूलों की।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि दुलदुला, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही भाजपा के नेता एक-दूसरे से राजनीतिक कुश्ती लड़ने में व्यस्त हों, तो विकास आखिर किसके साथ खड़ा हो?
फिलहाल दुलदुला में सबसे तेज रफ्तार अगर किसी चीज की है, तो वह है—चर्चा, आरोप, तंज और राजनीतिक खींचतान। विकास अभी भी इंतजार में है कि नेताओं की रस्साकशी खत्म हो, तब शायद उसकी भी एंट्री हो जाए।