पुरी रथयात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग

munaadi news image
August 05, 2026



पुरी रथयात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग

munaadi news image
munaadi news image

भुवनेश्वर सतीश शर्मा की मुनादी।। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी की विश्वप्रसिद्ध भगवान श्रीजगन्नाथ रथयात्रा को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत  की सूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को शीघ्र आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। 

 उन्होंने बताया कि श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक दस्तावेज और सहायक सामग्री पहले ही केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।

अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरी की रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विविधता, समावेशिता, आध्यात्मिकता, पारंपरिक शिल्पकला, संगीत, नृत्य और जनसहभागिता का अद्वितीय प्रतीक है। सदियों से आयोजित हो रही यह यात्रा दुनिया भर से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है तथा भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व करती है।

उन्होंने कहा कि यदि रथयात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में स्थान मिलता है, तो इससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही, इन परंपराओं के संरक्षण और भावी पीढ़ियों तक उनके संवर्धन को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इस प्रस्ताव पर व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि रथयात्रा का सांस्कृतिक महत्व और मानवता, सौहार्द तथा सार्वभौमिक मूल्यों का संदेश इसे वैश्विक मान्यता का पात्र बनाता है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि इस नामांकन प्रक्रिया में ओडिशा सरकार और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन हर आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।


बीजद ने साधा निशाना 

मुख्यमंत्री की इस पहल पर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने इसे "सिर्फ प्रचार हासिल करने का प्रयास" बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछले तीन वर्षों में रथयात्रा का निर्विघ्न और परंपरानुकूल आयोजन कराने में विफल रही है। ऐसे में इस प्रकार की भाजपा सरकार की पहल का औचित्य नहीं है।


सतीश शर्मा


munaadi news image
munaadi news image
munaadi news image
munaadi news image
munaadi news image

Related Post

Advertisement

Samvad Advertisement
× Popup Image



Trending News