जशपुर मुनादी।। चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच अचानक आये सोगड़ा आश्रम के मुद्दे ने सियासत की गर्मी और बढ़ा दी है । सोगड़ा आश्रम को लेकर मंत्री रविन्द्र चौबे को लिखी गयी चिट्ठी को भाजपा और आश्रम से जुड़े लोग विधायक यू डी मिंज के ग़ैरसनातनी सोंच ओर हिंदुत्व के ढोंग का सबूत बताने में लग गए है ।
इस विरोध का चुनाव में क्या असर होगा इससे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट सवाल यह है कि सोगड़ा आश्रम की श्रद्धा से जुड़े कांग्रेस के आला नेता इस लेटर पर क्या एक्शन लेते है या फिर 2 -4 दिनों के हो हल्ला के बाद मामला शांत हो जाएगा । ऐसा लिखना इसलिए जरूरी हो गया क्योंकि सोगड़ा आश्रम से देश भर के लाखों हिंदुओं के साथ साथ कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का सोगड़ा आश्रम तीर्थ है ।यहां अक्सर उनका आना जाना होता है। अभी कुछ दिन पहले ही प्रदेश के डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव डिप्टी सीएम बनने के बाद आशीर्वाद लेने सोगड़ा आश्रम आये थे । छग कांग्रेस के पूर्व प्रभारी पी एल पुनिया का अक्सर यहां आना जाना होता रहता है इसके अलावे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस आश्रम से अपार श्रद्धा रखते हैं । ऐसे में यह अहम सवाल है कि कांग्रेस के आला नेता इस मामले को लेकर कितनी गम्भीरता दिखाएंगे ? कहा जा रहा है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी विजय जामनिक को लेकर संसदीय सचिव यू डी मिंज द्वारा रविन्द्र चौबे को लिखे गए पत्र में सोगड़ा आश्रम पर दबाव देकर अधिकारी की पदस्थापना कराने का जो आरोप लगाया है उससे आश्रम काफी नाराज है और आश्रम की नाराजगी का संसदीय सचिव मिंज की राजनीतिक मुसीबतें बढाने के लिए पर्याप्त है ।भाजपा के विरोध का असर जो भी हो लेकिन अगर आश्रम (संस्था) इस बात से नाराज है तो इसका कुप्रभाव सीधे और सीधे यू डी मिंज पर ही पड़ने वाला है ।
यह सबको पता है कि नवम्बर माह में विधानसभा चुनाव है और जशपुर जहां धर्म ध्रुवीकरण की ही राजनीति होती रही है वहां इस मुद्दे की अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है । भाजपा द्वारा धर्म ध्रुवीकरण की रखी गयी वर्षो पुरानी बुनियाद को ध्वस्त करने जिले के कांग्रेस विधायक और खाशकर संसदीय सचिव यू डी मिंज को लेकर कुछ दिन पहले ही कांग्रेस ने बड़ा सनातनी कार्ड खेला था । कांग्रेस के लोग यू डी मिंज को असली सनातनी बताने में लग गए थे ।अभी असली और नकली सनातनी को लेकर बहस चल ही रही थी कि अचानक सोगड़ा आश्रम का मुद्दा सामने आ गया ।अब भाजपा को विधायक को घेरने का इससे बढ़िया मौका भला कहां मिलता इसलिए इस मुद्दे को तेजी से हवा देने में भाजपा कोई कसर नही छोड़ रही है। भाजपा के हर नेता यू डी मिंज को चुनावी और नकली सनातनी बताने में जुट गए है ।
आपको बता दें कि असली और नकली सनातनी के मुद्दे को मुनादी डॉट कॉम ने प्राथमिकता से खबर प्रकाशित किया था और मुनादी चौपाल लगाकर लोगों की कई बार प्रतिक्रियाएं ली इसलिए भाजपा अपने फेसबुक पोस्ट को मुनादी डॉट को टैग करके नकली सनातनी और असली सनातनी की सच्चाई बताने की अपील कर रहे है।
बहरहाल इस पूरे मामले में अबतक संसदीय सचिव यू डी मिंज या कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आये है हांलाकि संसदीय सचिव के समर्थक फेसबुक पेज पर उनका पक्ष रखते हुए यह जरूर लिख रहे है कि एक भ्रष्ट अधिकारी को बचाने के लिए भाजपा राजनीति कर रही है ! बहरहाल ,आगे आगे देखिए होता है क्या ???