ओड़िशा से सतीश शर्मा की मुनादी।। प्रदेश में यौन उत्पीड़न के दबाव के कारण एक छात्रा की आत्मदाह और उसके बाद मृत्यु हो जाने के बाद राज्य की राजनीति में तूफान उठ खड़ा हुआ है। इस घटना को लेकर राज्य के विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस पूरे राज्य में विरोध का माहौल बनाने में जुट गई है। राज्य की मोहन माझी सरकार ने मृतक छात्रा के परिवार को बीस लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा करने के साथ दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा भी की है।
राज्य के बालेश्वर जिले के फकीर मोहन स्वायत्त कॉलेज में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यंहा इंटीग्रेटेड बीएड की द्वितीय वर्ष की 22 वर्षीय छात्रा सौम्यश्री बिशि ने अपने विभागाध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 12 जुलाई को कॉलेज के सामने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। तीन दिन तक भुबनेश्वर के एम्स अस्पताल में मृत्यु से संग्राम के बाद 14 जुलाई को रात साढ़े ग्यारह बजे उसकी मृत्यु हो गई।
12 जुलाई को आत्मदाह की खबर फैलने के बाद से बालेश्वर में तनाव का माहौल बन गया था। अब उसकी मृत्यु के बाद तो कांग्रेस व बीजू जनता दल ने भाजपा सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
प्राप्त तथ्य अनुसार मृतक छात्रा ने 1 जुलाई को कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने समीर कुमार साहू, शिक्षा विभाग के एचओडी और सहायक प्राध्यापक, पर मानसिक व यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसने चेतावनी दी थी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगी।
छात्रा के साथियों और दोस्तों के अनुसार, उसने पहले भी विभागाध्यक्ष के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों में मानसिक उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार, और उसके शैक्षणिक परिणामों को जानबूझकर प्रभावित करने की धमकियों का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि विभागाध्यक्ष ने छात्रा पर यौन मांगों को मानने का दबाव डाला था, और ऐसा न करने पर उसके आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल मार्क्स) में कटौती करने की धमकी दी थी।
उसने स्पष्ट रूप से लिखा था कि मानसिक तनाव के कारण उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया है, और यदि कॉलेज प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता, तो उसकी मौत के लिए एचओडी और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।
आंतरिक शिकायत समिति ने अपनी रिपोर्ट कॉलेज प्राचार्य को तीन दिन पहले सौंपी थी। इसीके बारे जानकारी प्राप्त करने के लिए छात्रा कॉलेज गई थी। जंहा कहा जाता है कि प्रोफेसर के विरुद्ध कारवाई की बजाए कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को लोकलाज आदि की बातें कहकर समझाने की कोशिश के साथ मामले को रफादफा करने का प्रयास किया।
इससे क्षुब्ध होकर वह बाहर आई और कॉलेज के मुख्य द्वार के पास खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। वंहा उपस्थित उसके सहपाठियों व अन्य लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की। जिसमे एक अन्य छात्र भी झुलस गया।
आत्मदाह की खबर तेजी से नगर में फैली। तत्काल ही वंहा बालेश्वर के भाजपा सांसद प्रताप चंद्र षाड़ंगी, वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पंहुचे।
घटना के बाद सहायक प्रोफेसर समीर कुमार साहू और कॉलेज प्राचार्य दिलीप घोष को गिरफ्तार कर लिया गया है।
राज्य के मुख्य विपक्षी दलों बीजू जनता दल, कांग्रेस ने इस मामले को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि छात्रा को न्याय देने की जगह आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया
इस मामले की गूंज ओड़िशा से निकलकर दिल्ली तक पहुंच गई है।
दिल्ली में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष
अलका लांबा व ओड़िशा की विधायिक सोफिया फिरदौस ने असुरक्षित होने और उनपर अत्याचार बढ़ने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी, जिन्होंने 11 जुलाई को भुबनेश्वर में एक विशाल संविधान बचाओ जनसभा को संबोधित किया था, ने भी ट्वीट कर कहा है कि सिस्टम ने उसकी हत्या की है। अब भारत को चुप्पी नहीं जवाब चाहिए।
कांग्रेस व और वामपंथी दलों ने 17 जुलाई को ओड़िशा बंद करने की घोषणा की है।
आत्मदाह की कोशिश के बाद
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने भी राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं।
जवाब में भाजपा महिला नेताओं ने
भी कांग्रेस व बीजद शासन काल मे हुए महिला अत्याचारों की सूची का उल्लेख किया और पूछा कि उनकी सरकारों के समय महिलाएं कितनी सुरक्षित थी?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “मैं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले। मैंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं, दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दी जाएगी। सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।” सरकार ने बीस लाख अनुकंपा राशि देने की घोषणा की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इसे ओछी, दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति कहा।
राज्य के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि इस घटना से उनकी सरकार मर्माहत है। इसपर राजनीति न की जाए। उन्होंने प्रश्न किया कि
कांग्रेस, बीजद के समय जो महिला अपराध हुए। उसपर उनलोगों ने क्या कार्रवाई की? अनेकों घटनाओं की जांच के नाम पर कई आयोग गठित किये गये। पर कभी कोई रिपार्ट सामने आई?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समय राज्य के दौरे पर हैं। वे एम्स भुवनेश्वर के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आई थीं उन्होंने छात्रा से मुलाकात कर उसका हालचाल भी पूछा। पर कांग्रेस व बीजद इस घटना को तूल देने में जुट गई है। दोनों दलों बने भाजपा सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। बीजेडी और कांग्रेस ने भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
हलांकि मृतक के पिता बलराम बिशी ने बेटी के नाम पर राजनीति नहीं करने का अनुरोध किया है और सरकार से दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
पर राजनैतिक दल अपनी रोटियां सेंकने का कोई मौका छोड़ने वाले नहीं हैं। अतः इस मामले को लेकर आगामी दिनों में राजनीति तो होगी ही।