सरगुजा मुनादी ।। बीते दिनों जनजागरण पद यात्रा में अपनी ही सरकार के मुखिया के खिलाफ नारेबाजी करके कांग्रेस से इस्तीफा देकर चर्चा में आए कांग्रेस कमेटी सरगुजा के पूर्व महामंत्री अरुण मिश्रा ने जनजागरण यात्रा को जारी रखने का ऐलान किया है। आगामी 31 अक्टूबर को वह अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ 25 किमी की पद यात्रा करेंगे और कांग्रेस सरकार के मंत्रियों को बताएंगे कि उन्होंने क्षेत्र में कुछ भी विकास नहीं किया है। न सड़क , न पूल न पुलिया कुछ भी नहीं बनाया है ।वह मंत्रियों से मांग करेंगे कि ग्रामीणों की वर्षो पुरानी समस्याओं का समाधान करें ।
उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि है ,सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्मदिन है और साथ में प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टी एस सिंहदेव का भी जन्मदिन है इसलिए जनजागरण का इससे बढ़िया अवसर नहीं हो सकता। सधमा,बकना कंचनपुर होते हुए घंघरी में जनजागरण यात्रा जनसभा के साथ समाप्त हो जाएगी । मुनादी डॉट कॉम से औपचारिक चर्चा में उन्होंने बताया कि क्षेत्र की विकास के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा और जनजागरण यात्रा के जरिए वह क्षेत्र की जनता को तो जगाएंगे ही साथ ही साथ सरकार के मंत्रियों को भी बताएंगे कि उन्होंने क्षेत्र का कोई विकास नहीं किया है।
उन्होंने आगे कहा कि जिस विचारधारा पर क्षेत्र मंत्री चल रहे हैं वो कांग्रेस की मूल विचारधारा नहीं है ।महात्मा गांधी, स्व इंदिरा गांधी ,सरदार बल्लभ भाई पटेल ने जिस भारत का सपना देखा था उस सपने को लोग भूल गए है ।यही सपने कांग्रेस की मूल विचारधारा हैं जिसे जनता के सामने रखा जाएगा ।जनजागरण मंच द्वारा भारत को जोड़ने के उद्देश्य से इस यात्रा की शुरुआत की गई है और यह यात्रा जारी रहेगी ।मूल कांग्रेस की मूल विचारधाराओं से जनता को अवगत कराया जाएगा ।
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आपको बता दें कि बीते 4 अक्टूबर को जनजागरण यात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री ने कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद,पंजा छाप जिंदाबाद टी एस बाबा जिंदाबाद का नारा लगाते लगाते प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ नारा लगाना शुरू कर दिया था ।नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी कुछ एक्शन लेती इससे पहले उन्होंने पार्टी को न केवल महामंत्री पद से से बल्कि पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था ।इसके बाद उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि क्षेत्र में विकास होने के बजाय क्षेत्र में विकास के नाम पर लूट मची है और इसके जिम्मेदार सरकार के कुछ मंत्री है ।
आपको बता दें कि ढाई ढाई साल के मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल और प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टी एस सिंहदेव के बीच सियासी तना तनी की खबरे कई बार आ चुकी है ।प्रदेश की कमान सम्हालने दिल्ली दौड़ की खबर से भला कौन वाकिफ नहीं है ऐसे में टी एस समर्थक कांग्रेस नेता के द्वारा पार्टी से इस्तीफा दिया जाना ,प्रदेश के मुखिया के खिलाफ नारा लगाना और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को विकास के मुद्दे पर घेरने की कोशिश को उसी तना तनी से ही जोड़कर देखा जा रहा है।