रायगढ़ मुनादी।। अंचल की ख्यातिलब्ध सामाजिक धार्मिक एवं रचनात्मक कार्यों में अग्रणी संस्था श्याम मंडल द्वारा तीन दिवसीय 44वें विराट श्री श्याम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के दूसरे दिन देश के प्रसिद्ध भजन गायकों ने श्री श्याम बाबा के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी, देर रात तक उपस्थित श्याम भक्त भजनों की सुर-सरिता में आग लगाते रहे।
रात 12 बजते ही श्री श्याम प्रभु का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरा शहर आतिशबाजी व श्री श्याम बाबा के जयकारे से गूंज उठा। तीसरे व अंतिम दिन शनिवार कार्तिक शुदी बारस को प्रात: 10 बजे श्री श्याम प्रभु की महाआरती की जाएगी। उसके पश्चात खीर, चुरमा, पंचमेवा एवं तकरीबन 4000 किलो सवामणी भोग प्रसाद बाहर एवं नगर के भक्तों द्वारा लगाया जाएगा।
प्रचार मंत्री महावीर अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को रात्रि 9 बजे से श्री श्याम भजनों की अनुपम प्रस्तुति देश के सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने दी। कोलकाता से पधारे भजन गायक अरविन्द सहल ने सर्व प्रथम गणेश वंदना प्रस्तुत की। उसके पश्चात रायगढ़ के सम्मानीय परिवार से परिवार सहित श्याम भजनों मे कुछ यू - एक तेरा भरोसा है , एक तेरा सहारा है एवं जैसा भी हॅू सांवरिया मुझको अपनी शरण में ले लेना '' तेरा साथ निभायेगाÓÓ कन्हैया मेरा है विश्वास जरूरी है की भावपूर्ण रचना की प्रस्तुती दी। क्या बैकुंठ , क्या स्वर्ग का द्वारा, श्याम है रहता ये कोई और है जहांन , जैसा भी हॅू सावरिया प्रस्तुति देकर उपस्थित भक्तों की आंखों को श्याम भक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
इसके पश्चात टाटानगर झारखंड से पधारे प्रख्यात भजन गायक अनुभव अग्रवाल ने श्याम भजनों में कुछ यूं - अपने श्याम कन्हैया को देखो - बिना पलक छपकाए। सांवरे की महफिल को सांवरा सजाता है , किस्मत वाले के घर में मिलने श्याम आता है । खाटू वाले इतना बता दे - किसलिए चुप बैठे हो। जो श्याम के प्रेमी होते है वह डर-डर के नहीं जीते। श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है की रचना गा कर सबके दिलो में जगह बनाई। साथ ही साथ श्याम जन्मदिन आया मेरा मन हर्षाया है, मेरे खाटू वाले का जन्मदिन आया है की धारदार प्रस्तुति दी।
एक तेरा ही भरोसा है, एक तेरा ही सहारा है...
कोलकाता से आमंत्रित भजन गायक अरविन्द सहल ने श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है व जब - जब प्रेमियों के संग खाटू जायेगा तुझपे भी मेरे सांवरे का रंग चढ़ जाएगा। मुझे श्याम तेरा सहारा न होता तो दुनिया में मेरा गुजारा न होता , ये पांडव कुल का अवतार श्याम बड़ा ही अलबेला है, एक तेरा ही भरोसा है .... एक तेरा ही सहारा है, मेरे बाबा खाटू वाले मैने तुझे पुकारा है सहित अनेक भजनों की प्रस्तुति दी। उनके धमाल गीतों से उपस्थित भक्त नाचते-झूमते हुए श्याम भक्ति में लीन हो गए। सपरिवार हजारों श्रद्धालु पूरी रात्रि श्री श्याम का गुणगाान करते रहे। श्री श्याम प्रभु की वंदना में एक से बढ़कर एक भजन पेश होते गये कलात्मक भाव पूर्ण भजन एवं आकर्षक नृत्य प्रस्तुती से भारी संख्या में उपस्थित सभी भक्त देर रात तक सपरिवार बैठने को मजबूर कर दिया, रात्रि 12 बजे श्री श्याम प्रभु का जन्मोत्सव धूमधाम एवं श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। पूरा पंडाल एवं मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या देखते ही बनती थी। श्री श्याम मंडल ने शहरवासियों व श्रद्धालुओं से कार्तिक सुदी द्वादशी पर शनिवार को सुबह 10 बजे से श्री श्याम प्रभु के दर्शन लाभ लेने की अपील की है।