बिलासपुर मुनादी।। भ्रष्टाचार को लेकर बिलासपुर से बड़ी खबर आई है। वहां की एक अदालत ने भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले एक पटवारी को 5 साल की कैद और 4 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न पटाने की सूरत में पटवारी की सजा डेढ़ साल और बढ़ जाएगी। मामला 2014 का बताया जा रहा है।
जिले के अपर सत्र न्यायाधीश ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद दोषी पटवारी को पांच साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चार लाख रुपए अर्थदंड भी दिया है। मामला आठ साल पहले की बताई जा रही है जहां एंटी करप्शन ब्यूरो ने पटवारी के ठिकानों में छापेमारी करके उसके पास से करोड़ों रुपए की संपत्ति का होना बताया था और इस मामले में पटवारी विनोद तंबोली के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। 2017 में चालान पेश किया गया था उस समय उसकी गिरफ्तारी की गई थी। इसी मामले में 8 साल बाद शुक्रवार को फैसला आया है।
एसीबी के अनुसार जांच के दौरान एसीबी ने उसके पास से 20 लाख रुपए नगद के साथ ही सोने-चांदी के गहने व करोड़ों रुपए के प्लॉट, जमीन, मकान के दस्तावेज भी बरामद किए थे। ये भी खुलासा हुआ था कि पटवारी ने खुद के साथ-साथ अपनी पत्नी, बेटी,व बेटे के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति बनाई है।
इन संपत्तियों में दो मंजिला आलीशान मकान, 6 आवासीय प्लॉट, 14 एकड़ का फार्म हाउस, विभिन्न बैंक खातों के साथ ही 1 किलो वजनी सोना व करीब साढ़े चार किलो वजनी चांदी के जेवर होने का भी पता चला था, इसी तरह करीब 6 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा हुआ था।
एसीबी ने केस दर्ज करके संपत्ति की जांच की और विशेष न्यायालय में तीन साल बाद चालान पेश किया था। इसके बाद एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट में आरोपी ने एक करोड़ 14 लाख 50 हजार 530 रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का कोई लेखा-जोखा पेश नहीं किया।