सरगुजा मुनादी ।। एक युवक ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर सेंट्रल जेल के बारे में बड़ा खुलासा किया है । युवक की शिकायत है कि सेंट्रल जेल अम्बिकापुर में महिला बंदियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है यहाँ तक कि उनके कपड़े उतरवाकर उनसे अश्लिल हरकत कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और इस अश्लेलता का वीडियो बनाकर वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी तक दी जाती है।
मानवाधिकार आयोग को शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता का नाम कमलेश कुमार साहू है।युवक ने न केवल मानवाधिकार आयोग बल्कि सेंट्रल जेल के अधीक्षक से लेकर गृह विभाग के सचिव ,जेल विभाग के महानिदेशक और सरगुजा कलेक्टर तक को पत्र लिखकर सेंट्रल जेल के हालात से पर्दा उठाया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि किसी मामले में उसकी खुद की मौसी सेंट्रल जेल अम्बिकापुर में है।घर परिवार के लोग अक्सर उससे मिलने सेंट्रल जेल जाया करते है।मौसी ने परिजनों को बताया कि जेल के महिला अधिकारियों की यातनाओं से बचने के लिए उन्हें हर महीने पैसे देने पड़ते हैं ।उन्हें पैसे मिले तो ठीक और अगर पैसे नहीं मिले तो उनके साथ जानवरो जैसा सलूक किया जाता है ।
जेल की महिला कर्मचारियों से महिला बंदियों के कपड़े उतरवाकर उनसे अश्लील हरकतें करवाई जाती है और महिला अधिकारी इन अश्लील हरकतों का वीडियो बनाकर वीडियो को अन्य लोगो को सेंड करने की धमकी देते है।इतना ही नहीं पैसे नहीं मिलने पर महिला बंदियों को खाना तक से दूर रखा जाता है ।युवक ने अपने शिकायत पत्र में जेल की जेलर ममता पटेल और जेल प्रहरी मेरी मार्ग्रेट का नाम भी लिखा है और बताया है कि इनके द्वारा ही महिला बंदियों के घरों से पैसे मंगाए जाते है।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जाँच करने का आग्रह किया है हांलाकि जेल अधीक्षक योगेश सिंह के द्वारा मीडिया को बताया गया है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है ।