जशपुर मुनादी।। छग में इस साल के आखिरी महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव के दिन जैसे जैसे नजदीक आ रहे है टिकटार्थियों की धड़कने तेज हो गयी है ।सबसे ज्यादा धड़कने तेज होनी की खबरें कांग्रेस पार्टी के गलियारे से आ रही है क्योंकि शनिवार को कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता ने जो बयान दिए उसे सुनकर ना केवल नए दावेदार बल्कि कांग्रेस विधायकों के भी होश उड़ गए हैं।
कांग्रेस के बड़े नेता और प्रदेश के डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने शनिवार को मीडिया को दिए एक बयान में संकेत दिया है मि सरगुजा में काबिज सभी 14 विधायकों के गर्दन में तलवार लटक रही है ।इनमे अधिकांश विधायको की टिकट कटने वाली है या सम्भव है पार्टी सभी 14सीट पर नए चेहरे भी उतार सकती है।
सिंहदेव के इस बयान का सबसे ज्यादा असर अगर देखने को मिल रहा है तो वो है सरगुजा संभाग का जशपुर जिला जहां बीते 2018 में भाजपा का तीनो सीट से पत्ता साफ हो गया था और वर्षो बाद जशपुर जिले के पत्थलगांव को छोड़कर बाकी के सीटों पर कांग्रेस का कब्जा हुआ ।2013 के चुनाव में पत्थलगांव सीट गंवा चुकी कांग्रेस ने 2018 में फिर से यहां चुनाव जीत गयी इस तरफ भाजपा का यहाँ सुपड़ा साफ हो गया ।
ये तो हुई पुरानी बात लेकिन नई बात यह है कि भाजपा की जमीन पर वर्षों बाद झंडा गाड़ने वाले यहां के तीनों विधायको की टिकट भी खतरे सिंहदेव के बयान के बाद खतरे में पड़ती हुई दिख रही है । खाश और चौकाने वाली बात यह भी है कि प्रदेश के सबसे सीनियर और 8 बार के विधायक रामपुकार सिंह की भी टिकट खतरे में है हांलाकि रामपुकार मुँह खोलकर यह बोल चुके हैं कि वह नौवीं बार भी चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी लेकिन राजनीतिक समीकरणों की समीक्षा करने वाले राजनीतिक पंडितों का कहना है कि पत्थलगांव में इस बार एंटी इंकैम्बेन्सी का खतरा ज्यादा है इसलिए पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है । नया चेहरा इसलिए भी क्योंकि इस बार कांग्रेस के खिलाफ़ मैदान में सांसद गोमती साय के उतरने की प्रबल संभावना जताई जा रही है ऐसे में पार्टी महिला प्रत्याशी या फिर किसी दूसरे नामचीन चेहरे को उतारने की तैयारी कर रही है ।ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को प्रतिनिधित्व सौंपने की रणनीति के तहत पार्टी भी किसी योग्य महिला प्रत्याशी को सामने ला सकती है ।
जशपुर की बात करें तो विनय भगत का जमीनी रिपोर्ट सहीं होने के बावजूद पुराने कार्यकर्ताओ ओर सीनियर नेताओं की अनदेखी के चलते पार्टी की रडार में आ सकते है ।माना जा रहा है कि जशपुर में अधिकांश सीनियर ओर पुराने नेताओं को शुरू से दरकिनार किया गया जिसके चलते यहां के प्रथम पंक्ति के नेता शुरू से विनय भगत के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हैं और यही मोर्चाबंदी इनके लिए भारी पड़ सकती है ।
अब हम बात करते हैं जिले के सबसे चर्चित सीट कुनकुरी विधानसभा की तो यहां के विधायक यू डी मिंज हैं । काफी चर्चा में तो रहते ही हैं साथ ही साथ भाजपा इन पर सीधे अटैक करती रही है । अभी इसी सप्ताह इनका एक शिकायती लेटर सोशल मीडिया में वायरल हो गया था जिसको लेकर बवाल अभी तक शांत नहीं हुआ है । इस लेटर में सर्वेश्वरी समूह आश्रम के विरुद्ध जिले के एक बड़े अधिकारी की पदस्थाना के लिए दबाव बनाने के इनके द्वारा गम्भीर आरोप लगाए गए इसके बाद आश्रम से जुड़े श्रद्धालु और भाजपा ने विधायक के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोल दिया।बात केवल भाजपा की होते तो बात कुछ नहीं थी लेकिन यह बात इसलिए भी बड़ी है क्योंकि सर्वेश्वरी समूह आश्रम से कांग्रेस के कई दिग्गज भी जुड़े है ।कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पी एल पुनिया ,मुख्य मंत्री भूपेश बघेल और यहां तक की टी एस सिंहदेव इस आश्रम से डायरेक्टली जुड़े हुए हैं ऐसे में विधायक यू डी के द्वारा अधिकारी की की गई शिकायत का उल्टा असर हो गया ।माना जा रहा है कि विधायक के इस लेटर के चलते विधायक की पार्टी में ही काफी फजीहत हो गयी है और फजीहत भी ऐसी बढ़ी कि बात टिकट कटने तक की होने लगी है ।कहा जा रहा है कि अगर इनकी टिकट कटती है तो आश्रम इसका सबसे बड़ा कारण साबित होगा ।