डेस्क से गौरव सिन्हा की मुनादी।। कल शुक्रवार की शाम जो आकाश में एक खगोलीय घटना दिखी, वह लोगो के लिए कौतूहल का दृश्य बन गया, लोग अपने घरों से बाहर निकल कर इस दृश्य को देखने लगे, वहीं लोगों ने अपने कैमरे में इस दृश्य को कैद करने लगे, वहीं थोड़ी देर में ही यह दृश्य सोशल मीडिया में भी तैरने लगा, तथा लोगों ने इस घटना को जमकर शोशल मीडिया पर जमकर शेयर भी किया, और वह दृश्य था चन्द्रमा के ठीक नीचे लगा हुआ एक तारे का दिखना।
दरअसल कल शाम जो आसमान में नजारा दिखा, वह खगोलीय घटना थी, पर भारत को धर्म और अध्यात्म का देश भी माना जाता है, वहीं दो धर्मो की भारत मे पवित्र महीना और समय चल रहा है, जहां हिन्दू धर्म मे नवरात्रि चल रही है, वहीं मुश्लिम धर्म मे रमजान के पवित्र महीना भी कल से शुरू हो गया, फिर क्या था भारत धर्म और अध्यात्म का देश है, जिसे लोगों ने धर्म और अध्यात्म से जोड़ दिया, और दोनो ही अलग अलग धर्म मतावलंबियों ने अपनी मान्यताओं के परिणीति स्वरूप इस घटना को बताने लग गए।
दरअसल जब लोगों ने चंद्रमा का स्वरूप देखा तो चन्द्रमा से लगा ठीक नीचे एक तारा भी नजर आया। जिन दोनो की चमक आसमान पर अदभुत नजारे के रूप में दिख रहा था, जिसे लोग निहारने के साथ ही अपने कैमरे में भी कैद कर रहे थे।
हम आपको यह भी बता दें कि चैत्र नवरात्रि के त्यौहार का कल तीसरा दिन था, जिस दिन हिन्दू धर्मावलंबी मां दुर्गा के तीसरे दिन के स्वरूप मां चंद्रघंटा के रूप की पूजा की जाती है, तथा जिनके मस्तक पर चंद्रमा का यह स्वरूप विधमान है, वहीं बिंदी की रूप में तारे को जाने जाता है, मतलब कि यह स्वरूप माता के रूप में देखा जाने लगा, वहीं मुस्लिम धर्मावलंबीयो में भी चांद और तारे का अपना महत्त्व है, जो इस्लामिक झंडे में गोचर होता है, वहीं कल से ही रमजान का भी पवित्र महीना शुरू हुआ तो लोगों ने इसे भी अपने धर्म और अध्यात्म से जोड़ दिया, क्योंकि चन्द्रमा को देखकर ही रोजा खोला जाता है।
वहीं हम आपको यह भी बता दे जो खगोलविद कह रहे हैं, चन्द्रमा के साथ जो तारा दिखा, वह पृथ्वी का पड़ोसी ग्रह शुक्र है, इस नजारे को लेकर खोगलविदों के द्वारा दावा किया जा रहा है कि परिक्रमा करता हुआ पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा शुक्रवार शाम को पृथ्वी के पड़ोसी ग्रह शुक्र के साथ दिखा है। जानकारों के मुताबिक शुक्र (वीनस ) ग्रह पृथ्वी से करीब अठ्ठारह करोड़ बावन लाख किलोमीटर दूर है। यह माइनस 3.98 मैग्निट्यूड से चमक रहा था। जबकि चंद्रमा 3 लाख 79 हजार किलोमीटर दूर था। बावजूद इसके इतना दूर होते हुए भी अनोखे दृश्य ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।