जशपुर मुनादी ।।ओडीशा की सीमा से लगे तपकरा वन परिक्षेत्र में आया छोटा हाथी अभी भी उसी जगह पर है ।पूरा वन अमला छोटे हाथी की देख रैख में लगा हुआ है । इसके के रामकोला एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर से कुछ हाथी के जानकारों को भी बुलाया गया है ।
बताया जा रहा है भटक कर आए इस छोटे हाथी का असली ठिकाना ओडीशा है और वह ओडीशा से भटक कर यहां आ पहुंचा है। एक खाश बात सामने आ रही है वो ये कि 10 दिन पहले तक इस इलाके में हाथियों का कोई लोकेशन नहीं था ।मिरिगखोल सहित आस पास के क्षेत्रों में हाथियों को संख्या निरंक थी फिर ऐसे में अचानक इस छोटे हाथी का आ जाना वन विभाग के समझ से बाहर की चीज हो गया है।वन विभाग यह समझ नहीं पा रहा है कि बगैर किसी लोकेशन के छोटा हाथी अचानक यहां कैसे आ पहुंचा । वन विभाग का मानना है कि यह प्रवासी हाथी है और लगभग लगभग वयस्क है वह किसी को नुकसान भी पहुंचा सकता है इसलिए हाथी के ठिकानों के आस पास वन अमले को तैनात करके रखा गया है और हाथी के मनोविज्ञान को समझने वाले रामकोला से 4 हाथी विशेषज्ञ भी बुलाए गए हैं।
कुछ ग्रामीणों को शक है कि इस छोटे हाथी को ओडीशा से लाकर यहां छोड़ा गया है और यहां का भूगोल छोटा हाथी समझ नहीं पा रहा ।यही वजह है कि वह इसी आस पास में ही है ।
चुकी फॉरेस्ट विभाग यह पूरी तरह समझ चुका है छोटा हाथी प्रवासी है इसलिए पूरा विभाग उसे ओडीशा सीमा भेजकर उसे उसके दल से मिलाने में लगा हुआ है लेकिन आज दूसरा दिन है हाथी अपनी जगह से टस से मस नहीं हो रहा है।