जशपुर मुनादी।। बीते 25 मई की रात दुलदुला के सरकारी अस्पताल में हुई बहुचर्चित घटना में एक नाम काफी सुर्खियों में रहा वो नाम है तिवारी ।इस कहानी में तिवारी नाम के व्यक्ति के चरित्र की चर्चा जोरों पर रही और इस नाम को लेकर काफी लंबे समय तक रहस्य कायम रहा ।तिवारी का नाम चर्चा में इसलिए आया कि डॉक्टरों के साथ मारपीट करने के मामले में कन्हैया साहू के अलावे तिवारी का भी नाम था।
लेकिन तिवारी कौन है इसे न तो डॉक्टर बता पा रहे थें ही वहाँ मौजूद कोई सख्श यह अनुमान लगा पा रहा था कि तिवारी आखिर कौन है । बाद में सूचना मिली कि कन्हैया साहू के अलावे जिस दूसरे सख्श तिवारी का नाम सामने आ रहा है वो तिवारी कुंनकुरी ब्लॉक के एक पंचायत का पंचायत सचिव है और उसका पूरा नाम अनुराग तिवारी है।इस सूचना के आधार पर दुलदुला पुलिस ने कुनकुरी आकर अनुराग तिवारी को हिरासत में ले लिया और उसके गिरफ्तारी की कार्रवाई भी शुरू हो गई लेकिन इससे पहले की तिवारी की विधिवत गिरफ्तारी हो पाती दुलदुला अस्पताल में दोनो पीड़ित डॉक्टर महेश्वर माणिक और निशांत सोनवानी पहुँच गए और जब पूलिस ने डॉक्टरों के सामने आरोपियों की शिनाख्ती करवाई तो डॉक्टरों ने तिवारी को पहचानने से ही इंकार कर दिया और साफ साफ कह दिया कि पुलिस के हिरासात में जो तिवारी है वह मारपीट की घटना में शामिल नहीं था ।डॉक्टरों के इस बयान के बाद घण्टो से पुलिस की हिरासत में बैठे पंचायत सचिव को पुलिस को छोड़ना पड़ा लेकिन तब तक अनुराग तिवारी दूसरे आरोपी के तौर पर मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में आ चुका था अब हालात ये हैं कि आज तक दूसरे आरोपी के तौर पर उसका नाम सामने आ रहा है ।
https://munaadi.com/news-details/Big-breaking-case-of-assault-in-jashpur-hospital:-doctors-went-on-strike,-crowd-gathered-in-police-station,-BJP-opened-front-in-protest-against-the-incident
अनुराग तिवारी ने मुनादी डॉट कॉम को बताया कि मार पीट कि घटना से उनका कोई ताल्लुक नहीं है ।वह मारपीट की घटना में कहीं से शामिल नही थे लेकिन तिवारी नाम के आधार पर पुलिस उन्हें घण्टो तक हिरासत में रखी लेकिन अच्छा हुआ कि गिरफ्तार होकर जेल जाने से पहले समय पर पीड़ित डॉक्टर पहुँच गए और सच सामने आ गया लेकिन सच सामने आने के बाद भी सोशल मीडिया और मीडिया में उनके नाम को जिस तरीके से उछाला जा रहा है उससे उनकी छवि खराब हो रही है और इस बात से उन्हें मानसिक पीड़ा का भी सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने बताया कि डॉक्टरों में नाम को लेकर कंफ्यूजन था जिसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा लेकिन चुकी उन्होंने कुछ गलत नहीं किया था इसलिए समय रहते सच सामने आ गया ।
इस मामले में कुनकुरी थाना प्रभारी भाष्कर शर्मा ने बताया कि पीड़ित डॉक्टरों को आरोपियो की शिनाख्ती के लिए कुंनकुरी बुलाया गया था ।डॉक्टरों ने अनुराग तिवारी को देखकर उनके मार पीट में शामिल होने से इंकार कर दिया केवल एक आरोपी की ही शिनाख्ती हूई जिसे जेल भेज दिया गया है ।थाना प्रभारी ने बताया कि दूसरे आरोपी का नाम पीड़ित डॉक्टर नहीं बता पा रहे हैं ।
https://munaadi.com/news-details/Health-minister-answer-of-fight-incident
आपको बता दें कि 25मई की रात कलेक्टर रितेश अग्रवाल और विधायक युडी मिंज रात को पूरी टीम के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण करने आये थे ।निरीक्षण करके लौटने के बाद डॉक्टर महेश्वर माणिक और डॉक्टर निशांत सोनवानी के साथ कन्हैया साहू एवं एक अन्य के द्वारा मार पीट कर दी गई ।इस घटना के बाद दोनो डॉक्टरों ने रात को ही बीएमओ को इस्तीफा लिखकर दे दिया और मार पीट की घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में सियासी हलचल शुरू हो गई है ।बीजेपी जहां इस मुद्दे को लेकर विधायक युडी मिंज के खिलाफ मशाल जुलूस निकालकर पुतला दहन करने में लगी हुई है वही प्रदेश के स्सास्थ मंत्री ने भी इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की है ।