26-February-2022


संबोधन संस्था ने चिरमिरी नागपुर रेल लाइन हेतु बजट स्वीकृति की मांग दोहराई, कहा- मुंबई- कोलकाता की सबसे छोटी रेल लाइन से जुड़कर इसे आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी और रेल विकास के नए द्वार खोलेगी



मनेंद्रगढ मुनादी।। राष्ट्रीय एवं आंचलिक विकास हेतु 4 दशक से अनवरत कार्यरत संस्था संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेंद्रगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस वर्ष के बजट में चिरमिरी हाल्ट से नागपुर तक स्वीकृत नई रेल लाइन के लिए एमओयू के तहत छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा आवश्यक 121 करोड़ धनराशि स्वीकृत करने की मांग दोहराई है।

संस्था उपाध्यक्ष हारून मेमन ने कहा कि 17 किलोमीटर की नई बनने वाली इस रेल लाइन का प्रारंभिक प्रयास तत्कालीन कांग्रेसी सांसद चरणदास महंत द्वारा इस संस्था के अनुरोध एवं अंचल के विकास संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2013 में किया गया था. संस्था के लंबे पत्राचार एवं बदलती हुई राजनीतिक परिस्थितियों में वर्ष 2018 में इस रेल लाइन के बजट को स्वीकृति मिल पाई।

वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत का ध्यान आकर्षण संस्था ने प्रथक पत्र के माध्यम से किया है. संबोधन विचार मंच के विभागाध्यक्ष बीरेंन्द्र श्रीवास्तव ने पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि आज जब चिरमिरी एवं मनेंद्रगढ़ जैसे पिछड़े आदिवासी बाहुल्य अंचल को आर्थिक संबल देने वाली संपत्ति कोयला समाप्ति के कगार पर है ऐसे समय में इस अंचल के निवासियों के विस्थापन को रोकने एवं स्थायित्व और पुनर्जीवन देने हेतु यह रेल सुविधा उनकी भावी जीवन रेखा साबित हो रही है, जो आगे चलकर चिरमिरी- बरवाडीह अर्थात मुंबई- कोलकाता की सबसे छोटी रेल लाइन से जुड़कर इसे आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी और रेल विकास के नए द्वार खोलेगी।

इस रेल लाइन से छत्तीसगढ़ के इस पिछड़े अंचल के व्यापार एवं विकास को नए आयाम मिलेंगे उन्होंने अपने पत्र में इस रेल लाइन के सर्वे के कार्य पूर्ण हो जाने एवं भू अधिग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी दी है. संस्था ने विश्वास व्यक्त किया है कि बजट सत्र में नए रेल लाइन के महत्व को देखते हुए आवश्यक राशि अवश्य उपलब्ध करा दी जाएगी।













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