जशपुर मुनादी।। बीते शुक्रवार को ब्लॉक मुख्यालय फरसाबहार के पंचायत दफ्तर में जमकर हंगामा हुआ है।हंगामा तब हुआ जब फरसाबहार पंचायत में कथित रूप से हुए भ्र्ष्टाचार की जाँच करने जिले के सहायक परियोजना अधिकारी और आरईएस फरसाबहार के एसडीओ पंचायत कार्यालय पहुंचे। जाँच के दौरान आरोप प्रत्यारोप का जमकर दौर चला।
दरअसल ग्राम पंचायत फरसाबहार के सरंपच - सचिव के विरुद्ध यहाँ के पंचों और उपशरपंच ने भारी भ्र्ष्टाचार के आरोप लगाए है । ग्राम पंचायत के सचिव एवं संरपच के द्वारा शासकीय राशियों का गबन एवं वित्तीय अनियमितता किये जाने की लिखित शिकायत उपसरपंच एवं पंच द्वारा की गई है । शिकायत पत्र में शासन के द्वारा आबंटित 14 वें,15 वे वित्त से हुये निर्माण कार्य जो 2019 से 2021 तक के कार्य की स्थिति पूर्ण अपूर्ण की स्थिति आरंभ कार्य एवं उक्त कार्य का प्रशा.स्वीकृति, राशि,टीएस,भौतिक प्रगति,मूल्यांकन के आधार पर राशि आय व्यय की जांच किये जाने एवं निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई थी।
इनका यह भी आरोप है कि ग्राम पंचायत में वित्त वर्ष - 2020 मई से 24 जनवरी 2022 तक बिना पंचायत बैठक नही कर पंचायत प्रस्ताव के किस आधार पर राशि का आहरण किया गया है । वही उपसरपंच प्रताप तिर्की सहित पंचों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि,पटेल बस्ती सीसी रोड के साईड सोल्डर मिटटी मुरूम, मेन रोड से शिव मंदिर तक सीसी रोड एवं साईड सोल्डर मिटटी मुरूम कार्य, बरहाटुकु के चबुतरा निर्माण झगरपुर में मुरूमीकरण एवं नल जल , धोबीटोली एवं नेगीटोली में बोंरिग फर्स,भेंलवाटाुली, तामामुण्डा, नीमटोली,जनपद कालोनी एवं कांसाटोली में नल जल मरम्मत एवं विस्तारीकरण के नाम लाखो रुपए आहरण कर भ्रष्टाचार किया गया है।
पीडीएस के शक्कर वितरण तराजु में ना देकर डब्बा में दिया जाता है,जिसका वजन तौलने पर वजन 800 ग्राम ही होता है , रोजगार गारन्टी के तहत नीमटोली में चेक डेम ,तुरियालगा चेक डेम निर्माण कार्य में 14 वें वित से अभिशरण राशि 1-1लाख रूपये गबन पंचायत भवन समतलीकरण कार्य ,ग्रामीण बैंक भवन मरम्मत, स्टेशनरी सामग्री खरीदी बिक्री के नाम पर भी गबन करने का आरोप लगाया गया है।
इन्ही सारी शिकायतों की जांच करने शुक्रवार को जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी मनोज मिश्रा और आरईएस एसडीओ फरसाबहार ग्राम पंचायत दफ्तर आये थे। बताया जा रहा है कि पंचायत कार्यालय में तकरीबन 4 घण्टे तक जांच चली लेकिन जाँच फिर भी अधूरी रह गयी क्योंकि जांच की प्रक्रिया से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं थे और असंतोष के चलते उन्होंने जाँच अधिकारी को लिखित में कोई बयान नहीं दिया । शिकायतकर्ताओं का कथन दर्ज नहीं होने के चलते बात बिगड़ गई।
हांलाकि जांच अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ताओं के द्वारा किये गए शिकायतों की बिंदुवार जाँच की गई ।शिकायतकर्ता और सरपँच सचिब की मौजूदगी में सारे बिल voucher के परीक्षण किए गए और निर्माणकार्यो का भी भौतिक निरीक्षण किया गया है ।भौतिक निरीक्षण और बिल वाउचर के परीक्षण के बाद जब वार्ड पंचों के बयान लेने की बारी आई तो उन्होंने बयान देने से इनकार कर दिया । जाँच अधिकारी मनोज मिश्रा ने बताया कि निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर लिया गया है ।अन्य कुछ तकनीकी जाँच है जो आरएएस एसडीओ द्वारा किया जा रहा है । इसके बाद जांच प्रतिवेदन बनाकर भेजा जाएगा । जाँच अधिकारी एसडीओ सिदिकी ने बताया कि 28 फरवरी को दुबारा इस मामले में दूसरे चरण की जांच होगी ।उस जांच में मुख्य रूप से फरसाबहार के तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे ।
इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सचिव - श्यामबिहारी चौहान ने कहना है कि उनके द्वारा किसी तरह का कोई फर्जी आहरण नही किया गया है। छतीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कोरोना काल मे किसी भी पंचायत में बैठक नही किये गए है, किंतु पंचों से चर्चा एवम हस्ताक्षर कराकर कार्य किए गए हैं । साथ ही सभी कार्य सही किये गए हैं । जांच में अदिकारियों का सहयोग किया जा रहा है ।उन्होंने आखिरी में कहा कि उन्हें राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है ।
वही मामले में वहां के सरपंच अरुण खलखो ने कहां की जिला द्वारा गठित जांच अधिकारी के समक्ष उपसरपंच एवं पंचों के मांग पर सभी दस्तावेज दिखाये गए । साथ ही किये गए शिकायत का सरपंच /सचिव द्वारा कार्य स्थल पर भौतिक सत्यापन भी कराया गया है , जिसमे सभी कार्य होना पाया गया । साथ ही कई कार्यो का न तो व्यय किये गए हैं , और न ही स्वीकृत हुवा है । जिसमे पंचायत भवन बाउंड्री वाल निर्माण , समतलीकरण , झगरपुर में नल - जल एवं मुरमीकरण कार्य है । वही सरपंच अरुण खलखो ने कहा कि बारहातुकु चबूतरा निर्माण जो कि विधायक निधि से है और पूर्ण है।और नेगीटोली हैंडपम्प को शिकायतकर्ताओं द्वारा ये कह कर मौका सत्यापन नही किया गया है कि उक्त कार्य हुवा है । इस तरह कुछ पंचों का स्वार्थ सिद्ध न होना ही शिकायत का मुख्य कारण है ।

