रायपुर मुनादी।। युद्धग्रस्त यूक्रेन से उड़ान भरकर रविवार सुबह भारत पहुंचने वाले छत्तीसगढ़ के छह छात्रों के पहले जत्थे में शामिल पारस साहू (24) ने रविवार देर रात को राजधानी रायपुर पहुंचने के बाद कहा कि आज के ये दिन उनके और उनके परिवार के लिए अपार खुशियां लेकर आया है और ये सफर हमेशा उनकी यादों में रहेगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फ्लाइट से आने के बाद इन छह छात्रों से जो यूक्रेन में चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रहे थे, दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में रविवार सुबह मुलाकात की थी। ये सभी छात्र दिल्ली से उड़ान भरकर रविवार रात को प्रदेश की राजधानी रायपुर पहुंचे।
राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे में पत्रकारों से बात करते हुए महासमुंद जिले के रहने वाले पारस साहू ने कहा कि हम भाग्यशाली थे कि हम उज़होरोड (यूक्रेन के एक शहर) में थे जहां अन्य स्थानों की तुलना में स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी। हालाँकि, हम अपने घर वापस जाने के लिए बेताब थे और अब हम खुश हैं।
यूक्रेन में मेडिकल के प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने वाले छात्र पारस ने आगे कहा कि उज़होरोड में उनके विश्वविद्यालय ने एक बस प्रदान की और छात्रों को निकासी के लिए सीमा पार करने में मदद की।
बता दे कि साहू और दो और छात्र महासमुंद के हैं जबकि शेष तीन रायपुर, दुर्ग और कोरिया जिले के हैं।
इस मौके पर इन सभी छात्रों के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू बहा रहे थे और उनमें से ज्यादातर चिंतित थे क्योंकि समाचार चैनल यूक्रेन में दिन भर लगातार हो रही तबाही को दिखाया जा रहा था।
बता दे कि अब भी छत्तीसगढ़ के लगभग 80 छात्रों सहित 100 से अधिक लोग वर्तमान में यूक्रेन में फंसे हुए हैं।

