पत्थलगांव मुनादी।। पशुधन विकास विभाग के अंर्तगत कार्यरत सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियो द्वारा राजपत्र के आधार पर अनाधिकृत कार्यो को नही किये जाने से पशुपालक को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।विदित हो कि कृत्रिम गर्भाधान , इंजेक्शन जैसे महत्वपूर्ण कार्यो को अंजाम देने काफी वर्षो से परन्तु सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी मैदानी स्तर पर निरन्तर कार्य कर किसानों एवं पशुपालकों को राहत पहुंचा रहे है ।
साथ ही पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों द्वारा शासन की योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी अंतर्गत गौठानों में सेवाएं दिया जा रहा हैं। इसके अलावा साथ मैदानी क्षेत्रों में विभाग द्वारा सौंपे समस्त कार्य वे ही कर रहे हैं शासन द्वारा प्रकाशित राजपत्र के अनुसार सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को केवल प्राथमिक चिकित्सा का अधिकार है जो कोई भी अप्रशिक्षित व्यक्ति नहीं कर सकता है, जिसके विरोध में राजपत्र में संशोधन करने की मांग को लेकर सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संघ के प्रांत अध्यक्ष डी एस भारद्वाज के नेतृत्व में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों द्वारा अनाधिकृत कार्यों का बहिष्कार कर दिए जाने से पशुपालकों को चिंता में डाल दिया है,जबकि देखा जाता है कि प्रत्येक गाँव के सभी पशुओं की चिकित्सा की जिम्मेदारी वहाँ के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी की ही होती है।
पशुपालक भटक रहे
क्षेत्र के किसान नेता वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को प्राथमिक उपचार और पशु चिकित्सा का 2 वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है,उनके द्वारा ही पशुओ के कृत्रिम गर्भाधान , इंजेक्शन एवं सामान्य उपचार उपलब्ध कराई जाती है ,परन्तु सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के इन महत्वपूर्ण कार्यो को राजपत्र में शामिल नही किया गया, शासन द्वारा उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।नन्दनझरिया के पशुपालक राहुल राय ने कहा कि सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों द्वारा विरोध में कृत्रिम गर्भाधान ,टीकाकरण, इंजेक्शन एवं सामान्य उपचार भी उपलब्ध नही कराया जा रहा है जिसकी वजह से क्षेत्र के किसान पशु चिकित्सा को लेकर भटकते नजर आ रहे है।

