रायगढ़ मुनादी।। शहर के लब्ध प्रतिष्ठित नटवर स्कूल के कथित तौर पर नाम विलोपित किये जाने संबंधी खबरों पर जिला प्रशासन की ओर से जिला शिक्षाधिकारी ने सफाई दी है। उन्होंने मुनादी को बताया कि न तो नटवर स्कूल का नाम बदल जा रहा है न ही इसे विलोपित किया गया है। इस मुद्दे पर विवाद की कोई वजह नहीं है।
उन्होंने बताया कि आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसमें गरीबों के बच्चे भी इंग्लिश माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। नटवर स्कूल में हिंदी माध्यम की पढ़ाई भी यथावत जारी रहेगी। कलेक्टर रायगढ़ ने इस संबंध में स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा के लोगों कोबुलकर एक बैठक भी की है और अपनी ओर से सभी बातें क्लियर की है। यह पूछे जाने पर की वहां के सभी अधयापकों का स्थानांतरण क्यों हुआ ? उनका कहना था कि सभी अधयापकों के स्थानांतरण को रोक दिया गया है सिर्फ एक अध्यापक को उनके मर्जी से स्थानांतरण दिया गया है।
लेकिन प्रशासन के इस बात से स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा के लोग सहमत नहीं हैं। मोर्चा के महासचिव पूनम सोलंकी का कहना है कि प्रशासन और सरकार की मंशा इस मामले में काफी संदेहास्पद है। जब हमें यह पहले ही कह दिया गया था कि नटवर स्कूल का नाम और पढ़ाई यथावत रहेगा तो अध्यापकों का स्थानांतरण किया गया इसके बाद दोनों माध्यमों के शिक्षकों और छात्रों के लिए अलग-अलग मापदंड हैं। ऐसे में हम मूर्ख नहीं हैं जो झांसे में आ जाएं।
इस मामले पर कांग्रेस भी प्रशासन के साथ खड़ी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहर,अनिल शुक्ला ने मुनादी को बताया कि स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा भाजपा के नेताओं द्वारा संचलित की जा रही है। यह आंदोलन राजनीति से प्रेरित है। जब प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नटवर स्कूल का नाम नहीं बदला जा रहा है तब भी वे आंदोलन कर रहे हैं।

