08-March-2022


Munaadi exclusive - किसानों के नाम पर करोड़ों के खाद गायब, पता तब चला जब कट गए उनके खाते से पैसे, मामले की शिकायत मुख्यमंत्री …….…….. पढ़िए पूरी खबर



रायगढ़ मुनादी।। जिले के कई किसानों ने धान बेची लेकिन जब उनके एकाउंट में हजारों रुपये काटकर पैसे भेजे गए । उन्होंने इस बात की जब पड़ताल की तब उन्हें बैंक से बताया गया कि उन्होंने समिति से खाद के लिए ऋण लिया था जबकि किसानों का कहना है कि उन्होंने उन समितियों से एक छटाक भी खाद नहीं लिया है ऐसे में उन्होने एसडीएम को शिकायत कर इसकी जांच की मांग की है। लेकिन किसान दबी जुबान से समिति प्रबंधकों का कारनामा बता रहे हैं।

मुनादी को उच्चभिट्ठी गांव के 38 किसानों का शिकायत आवेदन मिला है जिसमें कहा गया है कि समिति प्रबंधकों ने उनके नाम से खाद, बीज और कीटनाशक के नाम से लोन का होना बताया गया है जबकि उन्होंने किसी तरह का खाद, बीज या कोई कीटनाशक लोन में नहीं लिया है। यह खेल सैकड़ो किसानों के साथ हुआ है। कम से कम 107 किसानों ने सारंगढ़ एसडीएम से इसकी शिकायत की है। किसानों को पता भी नहीं चल पाया और उनके नाम से किसने लोन पर खाद उठा भी लिया किसी को पता नहीं। इस संबंध में जब हमने एक समिति प्रबंधक को फोन लगाया तो उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया इसके बाद हमने उन्हें मैसेज भी किया लेकिन कोई रेस्पॉन्स नहीं आया। आरोप यह है कि सब कुछ यहां के रसूखदारों के संरक्षण में किया जा रहा है। हालांकि अभी नाम साफ तौर पर सामने नहीं आये हैं।

किसानों ने मुनादी को बताया कि यह बिना किसी बड़े सिंडिकेट के संभव ही नहीं कि कोई किसानों के नाम पर ऐसे खाद उठा ले और किसी को पता ही न चले। किसानों का यह भी कहना है कि सरकार किसानों को ज्यादा लाभ देना तो चाहती है लेकिन बीच के कुछ लोग और दलाल, किसानों को परेशान कर सरकार को बदनाम करने पर तुले हैं जबकि कुछ किसानों का यह भी कहना था कि यह काम करने वाले सरकारी लोग ही हैं।

क्या समिति प्रबंधकों का है घोटाला ?
पीड़ित किसानों की मानें तो इसमें समिति प्रबंधकों की बड़ी भूमिका है। उनका कहना है कि किसानों के नाम पर खाद चढ़ाकर बिना समिति प्रबंधकों के सहमति के कोई गड़बड़ी नहीं हो सकता क्योंकि सभी चीजें सिर्फ उनके हाथ में होती है। ऐसे में शक की सुई उन्हीं पर जा टिकी है।

कई लोगों का पैसा जमा भी हुआ
बताया जाता है कि सोसाइटी में जिन किसानों के नाम से खाद के नाम पर लोन लिया गया है उनमें से कई किसानों के लोन भरे भी जा रहे हैं। यह कौन कर रहा है कोई बताने को तैयार नहीं है। हालांकि दबी जबान से कई तरह की चर्चा लोग कर रहे हैं।

शिकायत अधिकारियों के पास लेकिन ….
इस बात की शिकायत एसडीएम से लेकर कलेक्टर तक कि गयी है। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री तक से की है लेकिन इस समस्या का अभी तक समाधान नहीं निकल पाया है। किसानों को सिर्फ जांच का आश्वासन ही दिया गया है। हालांकि अधिकारियों से बातचीत में लगता है कि उन्हें पता है कि यह कारनामा कौन कर सकता है फिर भी वे खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।













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