11-March-2022


Munaadi Breaking- विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान की मौत, सरकार ने दिए तत्काल 4 लाख की सहायता राशि, परिजनों ने कहा………… पढ़िए पूरी खबर



रायपुर मुनादी।। प्रदेश की नई राजधानी के लिए अधिग्रहित की गई भूमि से प्रभावित किसानों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले एक 68 वर्षीय किसान की शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान ही मौत हो गई। मृत्यु के बाद शव को पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया गया है ताकि मृतक किसान सियाराम पटेल की मौत के सही कारणों का पता चल सके।

रायपुर जिले के नवा रायपुर अटल नगर के परिधि में आने वाले 27 गांवों के किसान पुनर्वास और मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर जनवरी से नई राजधानी परियोजना प्रभाव किसान कल्याण समिति के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। इस जमीन का अधिग्रहण पूर्ववर्ती सरकार ने किया था किसान तभी से आंदोलनरत थे। आज भी उनकी मांगें यथावत हैं।

शुक्रवार को नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरएएनवीपी) के कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज दिन में अपनी मांगों से संबंधित आवेदन जमा करने के लिए पैदल मार्च निकाला।

किसानों के साथ पूर्व चर्चा के अनुसार, उन्हें एक पूर्व-निर्धारित स्थान पर रोक दिया गया था जहाँ पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई थी और उनके आवेदन काउंटर स्थापित करके गाँव-वार स्वीकार किए जा रहे थे। इसी बीच बरौदा गांव के सियाराम पटेल बेहोश हो गए और काउंटर के पास जमीन पर गिर गए। जिसके बाद धरनास्थल पर मौजूद प्राशनिक अमले ने उन्हें तत्काल पास के अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

अधिकारीयों ने पटेल के बेटे हीरालाल को तुरंत सूचित किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए डॉ बीआर अंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया।

रायपुर जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में उनके बेटे ने कहा है कि पटेल उच्च रक्तचाप की दवा ले रहे थे। हालांकि, हमें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद सही कारण पता चलेगा

वहीं किसान समिति के पदाधिकारी ने कहा कि पटेल जनवरी से विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे और हम मांग करते हैं कि राज्य सरकार उनके परिजनों को पर्याप्त मुआवजा दे।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एक कैबिनेट उप समिति ने प्रदर्शनकारियों की आठ में से छह मांगों को स्वीकार कर लिया था। इनमें पात्रता के अनुसार 1200 से 2500 वर्गफीट क्षेत्र के आवासीय भूमि पट्टा विलेख के लिए भूमि का आवंटन, प्रभावित गांवों से 60 प्रतिशत कर्मचारियों की भर्ती, नवा रायपुर के विभिन्न सेक्टरों में 75 प्रतिशत व्यावसायिक दुकानों का आवंटन शामिल है।

किसान समिति के पदाधिकारी ने कहा कि सरकार ने सभी मांगों को स्वीकार नहीं किया है और उसने कई शर्तें भी रखी हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर राजधानी क्षेत्र के किसान के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। बघेल ने उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है।








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