सरगुजा मुनादी।। कल भाजपा के संभाग भर के आदिवासी नेताओं का जमावड़ा अम्बिकापुर में लगा था। जिसमे आदिवासी नेताओं के साथ कई भाजपाई दिग्गज भी मौजूद थे। इधर इस बैठक में जशपुर से खुड़िया दीवान भी साक्रियता से शिरकत करते दिखे। यह बताना भी आवश्यक होगा कि फिलहाल खुड़िया दीवान जशपुर सरगुजा आदिवासी विकास मंच की कमान संभाल रहे हैं, तो उनका दिखाना तो लाजिमी ही था।
जाहिर है चुनावी साल आने वाला है, और भाजपा अपने आदिवासी नेताओ के साथ मंथन कर रही है, आदिवासियों के उन मुद्दों को पहचान की जा रही थी, जहां सरकार को घेरने की रणनीति या रोड मैप भी तैयार हो। जो आनेवाले समय मे सरगुजा संभाग के फतह करने का एक रास्ता भाजपा को दिखा सके। अभी सरगुजा संभाग में खस्ताहाल भाजपा की उन गलतियों को दूर करने की कोशिश कर रही है, जहां भाजपा के सत्त्ता में रहते ग्रास रुट के कार्यकर्ताओं से विमुख होना उन्हें इस हाल में पहुंचा गया।
जहां अम्बिकापुर में संभाग भर के आदिवासी नेताओ का जमावड़ा लगा, तो ये नेता आदिवासियों के उन मुद्दडो पर भड़ास निकालते दिखे, जिनको लेकर रह रहक़र आदिवासीयों के मुखपटल पर सामने रहता है। जिन मांगो में आदिवासी महिलाओं के खिलाफ लगातार हो रहे अपराध, आदिवासियों की जमीन बिक्री, और अन्य मुद्दे जो सीधे आदिवासियों को उनके सरक्षण से ही अलग कर देती है, उन्ही अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरगुजा कमिष्नर के पास पहुंचे, और अपनी मांगों की पूरी फेहरिश्त राज्यपाल के नाम से सौंप दी।
जहाँ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव ने मीडिया को बोलते कांग्रेस पर भी जोरदार हमला किया और कहा - कांग्रेस सरकार में आदिवासियों का उत्पीड़न हो रहा है, उसे लेकर ही यह जमावड़ा लगा है, जहां इस आदिवासी समाज के सभी वर्ग समाज से आने वाले नेता अपनी मांगों को लेकर राजयपाल के नाम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपे है।
साथ ही मीडिया के सवाल पर कांग्रेस पर चुटकी लेते यू पी चुनाव को लेकर कहा, कांग्रेस को सिर्फ दो सीट मिली है और वोट शेयर रहा है 2% के आसपास, आगे अनुराग सिंहदेव ने कहा कि गांधी परिवार ने अपनी पुश्तैनी सीट रायबरेली भी खो दी। जिसकी जिम्मेदारी गांधी परिवार के साथ छत्तीसगढ़ मॉडल का ढिढोरा पीटने वाले भूपेश बघेल को भी लेना चाहिए।
अब जो भी हो लोकतंत्र है पक्ष-विपक्ष के आरोप प्रत्यारोप चलते रहेंगे, पर खास इस बैठक में जो दिखा, की भाजपाई इस जमावड़े में केंद्र बिंदु के रूप खुड़िया दीवान दिखते रहे, और नजरें सबकी उनमें कुछ तलाशने की कोशिश करती भी दिखी। जहां रामसेवक पैंकरा, अनुराग सिंह देव, प्रबोध मिंज जैसे भाजपाई दिग्गज बैठकों में शामिल थे।

