रायपुर मुनादी।। खबर सियासत के गलियारे से है।अब खबर यह आ रही है कि पंजाब में किला फतह करने के बाद आम आदमी पार्टी की नजर अब छग पर है। बीते चुनावों में छग की जमीनी टोह ले पाने में लगभग सफल रही आम आदमी पार्टी इस बार प्रदेश की जमीन पर सियासत की कील ठोकने की रणनीति तैयार कर रही है इसलिए वक़्त रहते ही यहॉ इस पार्टी ने सेंधमारी शुरू कर दी है। उसपर तुर्रा यह कि छत्तीसगढ़ के एक नेता को पंजाब के रास्ते राज्यसभा भी भेज दिया। इस बात को भी आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में भुनाने का प्रयास करेगी
आम आदमी पार्टी को कांग्रेस शासित राज्यों में पैठ बनाने में आसानी हो रही है। उसका उदाहरण दिल्ली और पंजाब है। दोनों राज्यों में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को किनारे कर सत्ता हासिल की है और अगले निशाना छत्तीसगढ़ है। छत्तीसगढ़ के ही लोरमी के एक किसान के बेटे को पंजाब के रास्ते पार्टी ने राज्यसभा भेजने का फैसला किया है अब इसका प्रचार प्रसार भी तेज हो गया है। इस बात को प्रदेश में भुनाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
भाजपा और कांग्रेस की अंदरूनी हालातो की गहन तौर पर रेकी करने के बाद आप पार्टी के बड़े लीडर उन नेताओं से संपर्क करने में जुट गए हैं जिनकी पार्टियों ने पूछ परख बन्द कर दी है और जो काफी लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं । देखा जाय तो आज की परिस्थतियों में भाजपा और कांग्रेस दोनो बड़ी पार्टियों में असन्तुष्ट और नाराज लोगो की लंबी चौड़ी फेहरिस्त तैयार हो गयी है ।
हम अगर भाजपा की बात करें तो इस पार्टी में कई ऐसे बड़े चेहरे हैं जो काफी लंबे समय से पार्टी से दरकिनार होने के कारण आजतक पार्टी से नाराज चल रहे हैं बल्कि पार्टी के आउट लाईन से बाहर जाकर पार्टी के विरुद्ध मीडिया के सामने मुँह खोलने से भी नहीं चूक रहे । भाजपा में दिग्गज आदिवासी नेताओं की एक लॉबी पहले से तैयार है जो प्रदेश में सत्ता से बेदखल होने का बड़ा कारण 15 वर्षो में आदिवासियों की उपेक्षा होते रहने की बात करते है।
भाजपा के बड़े आदिवासी नेता के बड़े चेहरों में शुमार पूर्व सांसद नन्दकुमार साय कई बार खुलकर मीडिया को बोल चुके हैं कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार में जनजातीय समुदाय की भारी उपेक्षा हुई जिसके चलते पूरे छग में भाजपा ने सारे के सारे जनजातीय सीटों को खो दिया ।साय कई बार छग में आदिवासी ।मुख्य मंत्री की भी वकालत कर चुके है और जनजातीय समुदाय के कुछ जमीनी मुद्दों को लेकर ननकी राम कंवर,रामविचार नेताम जैसे बड़े चेहरों के साथ इनकी बैठके भी हुई ।इस तरह कहा जाय तो भाजपा का एक बड़ा खेमा कुछ मुद्दों पर नाराज चल रहा है।
अगर कांग्रेस पार्टी की बात करें तो कांग्रेस के भीतर भी यही हाल है।ढाई ढाई साल के फार्मूले को लेकर पार्टी के 2 खेमो में चल रहे विवाद से भला कौन वाकिफ नहीं है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर प्रदेश के विधायकों और मंत्रियों की दिल्ली दौड़ न जाने कितनी बार सुर्खियों में रहीं। ढाई साल में मुख्यमंत्री बदलने के फार्मूले को लागू करने को लेकर प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों ने खुले मंच से टीएस बाबा को मुख्यमंत्री बनाने की जोरदार पैरवी कर चुके है। सरगुजा सम्भाग के जशपुर में टीएस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुट के बीच हुए जूतम पैजार का वीडियो पूरे देश के सोशल मीडिया में वायरल होता रहा है इसी तरह अम्बिकापुर ,बिलासपुर सहित प्रदेश के कई कोने से गुटबाजी की खबरे मीडिया और सोशल मीडिया में सुर्खियों में आई ।
आम आदमी पार्टी बड़े ही बारीकी के साथ इन दोनों पार्टियों के अंतरिम हालातो का अध्यन करने में काफी लंबे समय से जुटी हुई है । पंजाब में इस बार मिली आप को भारी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी का आत्मबल काफी बढ़ा हुआ है ।जमीनी कार्यकर्ता भी पंजाब की सफलता से ऑटो सिस्टम में पूरी चार्ज हो गए हैं । ऐसे में छग को पार्टी ने अगला लक्ष्य मान लिया है और लक्ष्य को साधने के लिए असन्तुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति तैयार कर ली गयी है।
पार्टी के सूत्रों की माने तो प्रदेश के शहरी इलाको से पहले प्रदेश के आदिवासी अंचलों में कैडर तैयार किया जा रहा है ।इस क्रम में कई बड़े स्थानीय चेहरों को पार्टी में शामिल करके बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की कवायद शुरू हो गई है ।उदाहरण के तौर पर देखा जाय तो प्रदेश के अंतिम छोर में बसे जशपुर में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के 2 विकेट गिरा दिए हैं। सोमबार को राजधानी रायपुर में आयोजित आम आदमी पार्टी की विजय रैली में कांग्रेस पार्टी जशपुर के एक नामचीन आदिवासी नेता सरहुल भगत को आम आदमी पार्टी में शामिल हो जाना छोटी बात नहीं हो सकती ।इससे बड़ी बात यह है कि जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पवन अग्रवाल ने स्वीकार कर लिया कि पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता उपेक्षा से तंग आकर पलायन कर रहे हैं ।
जशपुर में आम आदमी पार्टी की जमीन तैयार करने वाले जिला पंचायत सदस्य अधिवक्ता विष्णु कुलदीप को पार्टी ने दुबारा बडी जिम्मेदारी सौंप दी है। 2020 के पंचायत चुनाव से पहले सामाजिक जिम्मेदारियों के चलते विष्णु कुलदीप ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हो गए । कांग्रेस पार्टी ने तपकरा क्षेत्र से अपनी पार्टी का प्रत्याशी नही खड़ा करके विष्णु कुलदीप का समर्थन किया था और कुलदीप भाजपा समर्थित प्रत्याशी को बुरी तरह से पराजित करते हुए डीडीसी का चुनाव जीत गए थे । चूंकि विष्णु कुलदीप आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके थे और कांग्रेस के समर्थन से डीडीसी का चुनाव जीता था इसलिए यह मान लिया गया था कि कुलदीप कांग्रेस में शामिल हो गए हांलाकि इसकी कोई घोषणा नहीं हुई लेकिन अभी कुछ ही दिन पहले खबर आयी कि विष्णु कुलदीप आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बना दिये गए और उनकी अगुवाई में पत्थलगांव ,जशपुर और कुनकुरी विधानसभा के दर्जनों लोगो को आम आदमी में शामिल भी करा दिया गया ।इन दर्जनों लोगों में सरहुल भगत एक नामचीन चेहरा है।सरहुल भगत 2013 में कांग्रेस पार्टी की ओर से जशपुर विधानसभा के प्रत्याशी थे ।

