जशपुर मुनादी ।। जशपुर जिला काँग्रेस के एक नेताजी इन दिनों भाजपा के टारगेट में हैं। भाजपा का कहना है कि काँग्रेस के जिला कोषाध्यक्ष अपने निजी कोष को मजबूत करने के लिए अवैध उत्खनन कर रहे हैं वो भी तब जब मुख्य्मंत्री ने अवैध उत्खनन पर कड़े प्रतिबंध लगाने के आदेश दे दिए है लेकिन यहाँ मुख्य्मंत्री के आदेशों पर उनकी ही पार्टी के बड़े नेता पलीता लगा रहे हैं।
भाजपा नेता और कासाबेल क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य सालिग साय ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस के जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल के द्वारा क्षेत्र की जीवन दायिनी नदी मैनी नदी में डंके की चोट पर अवैध उत्खनन करके नदी का अस्तित्व नष्ट करना चाहते हैं।
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दरअसल महेंद्र अग्रवाल के बेटे हैपी अग्रवाल के नाम से मैनी नदी के टाँगरगाव में तकरीबन 5 हेक्टेयर में रेत उठाव के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं लेकिन हैपी अग्रवाल द्वारा अपने कॉन्ट्रैक्ट एरिया से रेत का उठाव न करके बनगाँव बी -दुमर बहार इलाके से भारी मशीनरी के जरिये धड़ल्ले से रेत निकाले जा रहे है ।स्थानीय लोगो का कहना है कि सत्ता पक्ष के बड़े नेता होने के कारण किसी अफसर में इतनी हिम्मत नहीं है कि अवैध उत्खनन पर रोक लगा सके । स्थानीय लोगो के मूताबिक उनके द्वारा कई बार प्रशासनिक स्तर पर इसकी शिकायत की गई है लेकिन उनकी शिकायते धरी की धरी रह जाती है करवाई कुछ नहीं होता ।
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हांलाकि जब इस मामले में कासाबेल तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज ही उनकी जानकारी में मामला आया है वह इस मामले में कार्रवाई करेंगे ।करवाई में कोई कोताही नहीं की जाएगी ।वहीं इस मामले में ऑफ द रिकार्ड यह भी पतां चला है कि पूर्व में भी प्रशासन के द्वारा बनगाँव डूमर बहार में चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाया गया था लेकिन हाई पॉलटिकल अप्रोच के चलते यहाँ फिर से काम चालू हो गया ।
इस पूरे मामले में जब मुनादी डॉट कॉम ने काँग्रेस पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल से बात की तो उन्होंने बताया -" मैनी नदी के 6 हेक्टेयर क्षेत्र में उन्हें रेत का कॉन्ट्रैक्ट मिला है और जिस जगह से रेत उठाने पर उनपर अवैध उत्खनन के आरोप लग रहे है वह क्षेत्र भी मैनी नदी का ही है ।उन्होंने कहा कि बालू की क्वालिटी को देखते हुए बालू टाँगरगाव से न उठाकर बनगाँव क्षेत्र से उठाया जा रहा है और बाकायदे उसकी रॉयल्टी जमा की जा रही है।रॉयल्टी देने के बाद अवैध उत्खनन कैसे हो सकता है।
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महेंद्र अग्रवाल ने आगे बताया-दरअसल वह एनएच निर्माण के लिए बालू सप्लाई कर रहे है।एनएच के ऑफिसर द्वारा टाँगरगाव क्षेत्र के बालू को रिजेक्ट कर दिया गया है क्योंकि इस क्षेत्र का बालू मोटा है वही दुमरबहार क्षेत्र का बालू बारीक है इस लिहाज से यहां से रेत का उठाव किया जा रहा है और वकायदे उसकी रॉयल्टी दी जा रही है ।"
इस मामले में जब हमने कुछ जानकर लोगो से बात की तो पतां चला कि एनएच निर्माण के लिए इस मैनी नदी का बालू उपयुक्त नहीं है। बालू मोटा होने के कारण यहाँ के बालू को रिजेक्ट कर दिया गया है।इसी तरह शंख नदी का बालू भी रिजेक्टेड है ।जानकारों का कहना है प्रतापगढ़ क्षेत्र का बालू काफी बेहतर होता है लेकिन अधिक दूरी होने के चलते ठेकेदार रिजेक्टेड बालू से ही काम चला रहे हैं।
यह बताना जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल प्रदेश के कद्दावर मंत्री अमरजीत भगत के काफी करीबी है ।

