जशपुर मुनादी।। भारत को विभिन्न धर्म संस्कृतियों और मान्यताओं का देश कहा जाता है, इन सबके बीच कुछ धर्म और अध्यात्म से नाता जोड़ते लोग कुछ ऐसा करते हैं, जिसे चमत्कार से कम नही माना जा सकता। कुछ ऐसे ही चीजों से हम आपको आज रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिसे देख आप भी कहेंगे, ये कैसा चमत्कार है। अगर हम आपको यह बताएं कि एक व्यक्ति वर्षों से पत्थर खाने का दावा करता है, तो क्या आप विश्वाश करेंगे, उसका दावा है कि एक दो पत्थर नही आज तक वह कई बोरे पत्थर खा चुका है, और यह प्रक्रिया वह वर्षों से करते चले आ रहा है, और रोजाना करता है।
दरअसल हम बात कर रहे हैं जशपुर जिले के बग़ीचा ब्लॉक के पिरई ग्राम के छिपाताला बस्ती की, जहां एक शख्श जिनका नाम संतोष लकड़ा है। ईसाई धर्मावलंबी होने के साथ वो गणेश जी के भी परम भक्त हैं।
इनके पास रोजाना लोग इलाज कराने आते हैं, कई तरह के बीमारियों का इलाज! अब इसके पीछे का लॉजिक क्या है हम तो नही जानते, पर इलाज की जो प्रक्रिया है वह अद्भुत है। कोई बीमार व्यक्ति किसी कष्ट में उनके पास आता है, तो पत्थर की गोटियों के ऊपर अपना घुटना रखकर बीमार के इलाज के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं, और बीमारी जिनकी होती है, उसके नाम से पत्थर खा जाते है, उनका कहना है कि वह पत्थर उनके बीमार के कष्ट का है, जिसे ईश्वर कृपा से खाकर खत्म कर देता हूँ, या अपने मे ले लेता हूँ, और बीमार कष्ट ठीक हो जाता है। ऐसा लोग भी बताते हैं कि पत्थर खा जाने के बाद बीमार की कष्ट और बीमारी ठीक हो जाती है। और इतने पत्थर खाने के बाद आज तक उन्हें किसी प्रकार का कोई कष्ट भी नही हुआ।
हांलाकि चिकित्सा विज्ञान के जानकार न तो इस बात से इत्तिफ़ाक़ रखते हैं कि पूजा पाठ करने से बीमारी ठीक हो सकती है न ही वो ये मानने को तैयार नहीं कि कोई वर्षों से पत्थर खा रहा है और उसे अभी तक कोई बीमारी नहीं हुई ।जशपुर जिले के सीएमएचओ रंजीत टोप्पो ने कहा कि पत्थर खाना बहुत ज्यादा घातक हो सकता है और कई वर्षो से खाते रहना और स्वस्थ रहना यकीन नहीं होता। उन्होंने कहा कि वह बगीचा बीएमओ को वहाँ पर भेजकर हकीकत क्या है उसका पता लगाएंगे तभी कुछ राय दिया जा सकता है।

