जशपुर (गौरव सिन्हा)मुनादी।। जशपुर पुलिस का इन दिनों रंग ढंग बदला हुआ है, चाहे वो अपराधियो पर नकैल कसने की बात हो, या पुलिस का लोगों से रिश्ते बनाने की बात हो, सब जगह जशपुर पुलिस ही दिख रही है, और कहें तो जशपुर एसपी विजय अग्रवाल ने पद संभालते जशपुर पुलिस को ही नये सांचे में ढालने का काम शुरू कर दिया। जहां सेवा के साथ ही "विश्वास" जुड़ा हो।
अब पुलिस अपराध और अपराध को होने से पहले ही रोकने के लिए कहीं तत्पर दिख रही तो, कहीं जनता से सीधा जुड़ते ही दिखाई पड़ने लगी है। कोशिश यही है कि पुलिस के साथ अपराध रोकने में पब्लिक पार्टिसिपेशन निहित हो, और चीजे सीधे जनता से आये, जो पुलिस को और बेहतर करने के साथ एक बेहतर संवाद को भी स्थापित करे।
अब जशपुर पुलिस के पब्लिक रिलेशनशिप की ही बात की जाए, तो समझिए कुनकुरी का एक मजदूर परिवार जब खून की कमी के कारण बेटी की जान पर बन आयी, सब तरफ से बेआस होकर कुनकुरी थाने पहुंचे, और वर्दीवाले अफसर ने ऐसी संवेदना दिखाई, कि मजबूर और मजदूर परिवार की बेटी को अपना ही खून दे दिया। उधर ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करते जवान अनोखा नवाचार करता दिख रहा है, तो दूसरी तरफ ट्रैफिक जवान बेजुबान जानवरों को भी रेडियम कॉलर लगाते दिख रहे हैं, कहीं ट्रैफिक जवान वृद्धा को सड़क पार कराते दिखाई पड़ रहे हैं।
इधर दूसरी ओर पूलिस ”मोर ऑटो मोर जशपुर“ के तहत एक अभियान भी चला रही है ।इस अभियान के तहत् जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयो में चलने वाले समस्त ऑटो चालकों को डेªस कोड निर्धारित कर खाखी वर्दी नेम प्लेट के साथ लगाने हेतु निर्देशित किये जा रहे है, ताकि उनकी पहचान की जा सके। पुलिस अधीक्षक द्वारा समस्त ऑटो चालकों को संबोधित कर किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को अवगत कराने हेतु कहा जा रहा है।, बालिकाओं/महिलाओं एवं बुजूर्गों के साथ सम्मानजनक एवं अच्छे से व्यवहार करने हेतु कहा गया। ऑटो चालकों का पुलिस से मिलकर व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया जिससे कि तत्काल सूचना मिलने पर कार्यवाही की जा सके।
कुछ भी हो पर इन दिनों जशपुर पुलिस की कायापलट होती जरूर दिख रही है, जो सीधे लोगों को खुद से जोड़ने में "विश्वास" दिखाती नजर आ रही है, क्योंकि पुलिस के साथ भावनाओ, संवेदनाओं, आत्मीयता और कर्तव्यपरायणता के साथ सेवा का अर्थ समाहित हो, तो लोगों का विश्वास जागता ही है, जो सीधे पुलिस को जनता से जोड़ते हुए एक "बल" देती है, वहीं दूसरी ओर अपराधियो को सबक!



