डेस्क मुनादी।। अबतक हम सुनते आए हैं कि पत्नी पति की चिता पर लेटकर सती होती है, हालांकि अब यह अपराध की श्रेणी में है लेकिन जब पति ही पत्नी की चिता में कूद जाए तो इसे क्या कहेंगे। उत्तर प्रदेश के महोबा में एक पति द्वारा पत्नी की जलती चिता पर कूदकर जान देने की कोशिश करने का मामला सामने आया है। पति को मौके पर मौजूद लोगों ने पकड़कर चिता से बाहर निकाला। पति मामूली रूप से झुलस गया है, झुलसे पति को स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
मामला महोबा जिले के कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जैतपुर का है जहां ड्योढ़ीपुरा मोहल्ले में रहने वाले ब्रजेश की पत्नी ने घर में ही फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी इज़के बाद उसका पति ब्रजेश भी इससे इतना दुखी हुआ की उसने भी अपनी पत्नी की जलती चिता में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि लड़के के ससुरालवाले उसपर ही पत्नी की प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगा रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि ब्रजेश की शादी 4 साल वर्ष पहले अकौना निवासी रामचरन की पुत्री उमा के साथ हुई थी। बीते दिन पत्नी उमा ने इलाज के लिए पति से 5 हजार रुपये मांगे थे जिसपर पति ने सुबह इंतजाम कर पैसे देने के लिए कहा था इसी बात से नाराज होकर उसने देर रात फांसी लगा ली। जब पति की आंख खुली तो पत्नी उसे फांसी के फंदे पर लटकी हुई दिखी।परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में मृतिका के मायके पक्ष ने पति और ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए जैतपुर कस्बा के ड्योढ़ी श्मशान घाट ले जाया गया जहां पति ब्रजेश मुखाग्नि देने के बाद जलती चिता में कूद पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर बाहर निकाला। पति ब्रजेश ने कहा कि मामूली बात पर उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली और उसकी मौत से मैं सदमें में हूं, हमने सात जन्म साथ जीने मरने की कसमें खाई थी। मेरी पत्नी के जाने के बाद मैं भी जिंदा नहीं रहना चाहता इसलिए चिता में कूदा था।

