जशपुर मुनादी।। जिले के नागलोक में सोना टोंगरी के नाम से विख्यात साजबहार के एक पहाड़ में बीते शाम भीषण आग लग गई ।गनीमत ये थी कि शाम के वक़्त की गाँव वालों की नजर आग से धधकते हुए पहाड़ पर पड़ गयी और दो ढाई घण्टे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
यूं तो आग बुझाने में ग्रामीणों और फारेस्ट विभाग के फायर वाचर टीम की बहुत अच्छी भूमिका रही लेकिन इस आग बुझाने के अभियान में साजबहार की महिला सरपँच अग्रणी भूमिका में थी ।
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साज बहार की सरपँच सोनम लकड़ा ने बताया कि शनिवार शाम तकरीबन साढ़े 6 बजे ग्रामीणों ने उन्हें सूचना दी कि सोना टोंगरी पहाड़ में आग लगी हूई है। सूचना पाते ही वह सोना टोंगरी पहुँच गई।पहुंचने पर देखा कि पहाड़ के एक बड़े हिस्से को आग ने चपेट में ले लिया है और अगर आग पर तत्काल काबू नहीं पाया गया तो आग की लपट गोठान और चारागाह तक पहुंच सकती है।ऐसे में हालात को देखते हुए सरपँच3प-40 ग्रामीणों के साथ टोंगरी के उपर चढ़ गई और आग बुझाने लगी ।इसी दौरान उन्होंने तपकरा रेंजर अभिनव केशरवानी को भी फोन कर दिया।फोन पर सूचना मिलने पर तपकरा रेंजर ने फायर वाचर की टीम को भी मौके पर भेज दिया ।लगभग ढाई घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पा लिया गया।
सरपँच सोनम ने बताया-काफी अफरा तफरी का माहौल था ।आग बुझाने के संसाधन नहीं थे फिर भी लाठी और डंडे के सहारे आग को काफी देर तक सब मिलकर बुझाते रहे ।किसी के चप्पल छूट गए तो किसी के कपड़े फट गए तो किसी को चोट लग गयी। लेकिन सभी के सभी पहाड़ पर डटे रहे और तभी लौटे जब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।पहाड़ के बड़े हिस्से में आग लगी हुई थी ।अगर आग पर काबू नहीं पाते तो आग गोठान और चारागाह की ओर बढ़ जाता ।
तपकरा रेंजर अभिनव केशरवानी ने बताया कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं लेकिन जैसे ही आग लगने की सूचना मिली मौके पर फायर वाचर की टीम को तत्काल भेजा गया ।
आपको बता दें कि सोना टोंगरी पहाड़ को लेकर कहा जाता है कि इसके भीतर काफी सोना है ।काफी समय पहले भूगर्भ विभाग के द्वारा इस टोंगरी का अध्यन भी कराया गया था ।वैसे अध्यन में क्या कुछ सामने आया यह तो जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन इलाके में यह पहाड़ उसी वक़्त से सोना टोंगरी के नाम से जाना जाता है।

