जशपुर मुनादी।। आज रामनवमी है और रामनवमी के मौके पर काँग्रेस विधायक और काँग्रेस के कांर्यकर्ता गाँव गाँव जाकर महावीरी झंडा बाँट रहे हैं ।दरअसल आज कुनकुरी में रामनवमी की भव्य शोभा यात्रा निकलनी है और इस शोभा यात्रा में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु पहुँचे इसके लिए 2 दिन पहले से विधायक के कांर्यकर्ता लगे हुए हैं और ग्रामीणों को कुंनकुरी के राम नवमी शोभा यात्रा में पहुंचने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। इसके लिए ग्रामीणों को महावीरी झंडा भी भेंट की जा रही है ताकि लोग झंडे के साथ यहां पहुँचे।
हम बात कर रहे हैं काँग्रेस विधायक युडी मिंज की जो सरकार में संसदीय सचिव भी है।ऐसा पहला मौका नहीं है जब युडी मिंज की भगवान भक्ति सामने आ रही है। चाहे दशहरा हो या दीवाली या होली या कोई और पूजा हर हिन्दू पर्व त्योहार और पूजा में इनकी भूमिका काफी अलग और अग्रणी देखी जाती है ।
पार्टी के मूल सिद्धांतों से हटकर हर पूजा पर्व में स्थानीय लोगो के साथ और काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते देखे जाते है।यही वजह है कि बीते दशहरा में दशानन वध समारोह में कुनकुरी के सबसे बड़े सनातनी संस्था ने इन्हें मुख्य अतिथि का ओहदा दिया था।हांलाकि इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ ।कुछ लोगो ने इसका जमकर विरोध किया तो कुछ लोग खुलकर विधायक के समर्थन में खड़े हो गए और अंततः विधायक युडी ही दशहरा दशानन वध समारोह के मुख्य अतिथि रहे ।
यू डी मिंज पहले ऐसे गैर हिन्दू विधायक होंगे जिन्होंने अपने विधानसभा के न जाने कितने मंदिरों के निर्णोद्धार के लिए गाँव की समितियों को सरकार से पैसे दिलवाए ।यहां तक कि कई मंदिरों का जीर्णोद्धार अपने खर्च पर भी करवाया है । कुनकुरी का हनुमान टेकरी सबसे बड़ा उदाहरण है ।इस मंदिर के विस्तार और सौंदर्य के लिए इनके द्वारा जो कोशिशें की जा रही हैं उन कोशिशों का नतीजा अभी से देखने को मिल रहा है । हाथ मे मौली धागा, माथे पर रोरी की तिलक और भगवा परिधान में ये अक्सर किसी भी मंदिर में पहुँच जाते हैं और अक्सर इसी वेश ये जनसभा और दौरा भी करते पाए जाते हैं ।
हांलाकि इनके विपक्षी इनके इस भक्ति भाव को शुद्ध रूप से पॉलटिकल स्टंट बताते हैं। विपक्षियों का कहना है कि काँग्रेस विधायक राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह का धार्मिक हथकंडा अपनाते है क्योंकि कुनकुरी विधानसभा हिन्दू वोटरों का गढ़ है इसलिए यहाँ कई वर्षोंतक भाजपा के विधायक रहे ।2018 के विधानसभा चुनाव में 35 वर्षो बाद पहली बार कांग्रेस का कोई विधायक बना वह भी गैर हिन्दू ।
बहरहाल , राजनीति जो भी हो राजनीति की बात करेंगे तो बात दूर तक जाएगी । बस यूं समझिए कि काँग्रेस विधायक धर्म के मोर्चे पर बहुत मज़बूती से डटे हैं इससे क्या फायदा होगा और क्या नूकसान यह तो 2023 के चुनाव में पतां चलेगा।

