जशपुर मुनादी।। धर्म और आध्यात्म की वो नगरी जिसे बग़ीचा के नाम से जाना जाता है, जहां एक ओर रामेश्वर गहिरा गुरु महाराज की तपोस्थली "कैलाश गुफा" स्थित है, तो दूसरी ओर शक्ति पीठ के रूप विख्यात "मां खुड़िया रानी" का स्थल है।
वहीं इन दिनों जैन मुनि सुयश सागर जी महाराज एवम सद्भाव सागर जी एवं छूल्लक श्री श्रुत सागर जी महाराज का आगमन हुआ। जिनके स्वागत के लिए पूरा बग़ीचा उमड़ा, जिसमे जैन समाज के लोग के अलावा सभी समाज धर्म पंथ के लोग सम्मिलित हुए।
दरअसल जैन मुनि उस त्याग और तपोबल से अपने इंद्रियों को जीतकर जिनेन्द्र की श्रेणी में चले जाते है, अब पावन धरा में आगमन था तो लोग भी उमड़े, और उमड़े इसलिए जिसमे त्याग क्षमा और सद्भाव का आधार रूप मुनि महाराज के सान्निध्य में आद्यात्म और विचार को कुछ आत्मसात करने का मौका मिले।
यहां लोगो ने इन मुनि महाराज का खूब स्वागत किया, और इन दिनों बग़ीचा में धर्म और अध्यात्म और प्रवचनों से भक्ति की बग़ीचा में बयार बह रही है, जो बग़ीचा के वातावरण में आध्यात्म और त्याग का रस घोल रही है।




